Melody Toffee : ‘मोदी-मेलोनी मेलोडी’ का मीठा क्रेज, 70% तक बढ़ी टॉफी की डिमांड, जयपुर में हुई आउट ऑफ स्टॉक

Melody Toffee : बंगाल की झालमुड़ी के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मैलोनी से जुड़े वायरल मीम्स और रील्स ने पुरानी मेलोडी टॉफी को फिर से चर्चा में ला दिया है। सोशल मीडिया पर मोदी मेलोनी की मेलोडी ट्रेंड होते ही जयपुर शहर में इस टॉफी की मांग अचानक बढ़ गई है। बुधवार रात ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर यह टॉफी ‘आउट आफ स्टॉक’ हो गई थी। यहीं नहीं दूसरे कारोबारी अब इन मीम्स का इस्तेमाल कर अपने प्रोडेक्ट्स की भी मार्केटिंग कर रहे हैं। जयपुर के दुकानदारों के मुताबिक, इस वायरल वीडियो के बाद मेलोडी टॉफी की मांग में 60-70 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। कुछ दुकानों पर तो सुबह-सुबह ही स्टॉक खत्म हो रहा है।

चांदपोल बाजार के राजापार्क स्थित किराना व्यापारी रमेश अग्रवाल बताते हैं कि पहले मेलोडी की डिमांड सामान्य रहती थी, लेकिन अब रोजाना कई ग्राहक सिर्फ रील बनाने के लिए टॉफी खरीद रहे हैं। बिक्री करीब 35 प्रतिशत बढ़ गई है।

एक स्थानीय इंफ्लुएंसर प्रिंस का कहना है कि पहले मेलोडी सिर्फ बचपन की याद थी, लेकिन अब यह युवाओं के बीच एक तरह का स्टेटस सिंबल बन चुकी है। पुराने किराना व्यापारी रामप्रकाश शर्मा बताते हैं कि कल तक रोज 4-5 पैकेट बिकती थी, आज 12-15 पैकेट की डिमांड है। बच्चे, युवा और बुजुर्ग सब पूछ रहे हैं। बच्चों से ज्यादा युवा और कॉलेज स्टूडेंट्स मेलोडी खरीदते नजर आ रहे हैं।

मेलोनी ने गिफ्ट के लिए पीएम मोदी को कहा- धन्यवाद

इटली दौरे पर पहुंचे पीएम नरेंद्र मोदी ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को खास ‘मेलोडी’ टॉफी गिफ्ट की है। मेलोनी ने इस गिफ्ट के लिए पीएम मोदी को धन्यवाद दिया। साथ ही सोशल पर पोस्ट करते हुए लिखा, Thank you for the gift। मेलोनी की इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर ‘मेलोडी’ चॉकलेट ने अचानक सुर्खियां बटोरनी शुरू कर दी। पीएम मोदी अपने पांच देशों के दौरे के आखिरी चरण में इटली पहुंचे थे।

‘मेलोडी इतनी चॉकलेटी क्यों है?…

मेलोडी टॉफी भारत की सबसे लोकप्रिय और आइकॉनिक टॉफी है। यह पारले कंपनी का प्रोडक्ट है। मेलोडी टॉफी 1983 में लॉन्च हुई थी। इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों को कम कीमत (पहले ₹1) में चॉकलेट जैसा स्वाद देना था। मेलोडी बाहर से सॉफ्ट कारमेल और अंदर से रिच चॉकलेट फिलिंग वाली टॉफी है। चौहान परिवार (विजय, शरद और राज चौहान) पारले प्रोडक्ट्स को संचालित करता है। यह टॉफी आज भी बच्चों से लेकर बड़ों तक के बीच बेहद पसंद की जाती है।