बाड़मेर: प्रसूता के परिजनों का लेबर रूम में हंगामा, कार्यवाहक PMO-नर्सिंग अधीक्षक को पीटा, 2 महिलाओं समेत 4 हिरासत में

चौहटन (बाड़मेर): बाड़मेर जिले के चौहटन थाना क्षेत्र स्थित जिला अस्पताल से एक बेहद गंभीर और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाली घटना सामने आई है। यहां अस्पताल के लेबर रूम (प्रसव कक्ष) में एक प्रसूता के परिजनों द्वारा भारी उत्पात मचाने और ड्यूटी पर तैनात चिकित्सा अधिकारियों व नर्सिंग कर्मियों के साथ सरेआम मारपीट व गाली-गलौज करने का मामला सामने आया है।

जानकारी के अनुसार, चौहटन जिला अस्पताल के लेबर रूम में प्रसूता के परिजनों ने किसी बात को लेकर अचानक हंगामा शुरू कर दिया। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि परिजनों ने मर्यादा की सारी हदें पार कर दीं।

तीखी नोकझोंक और गाली-गलौज की

परिजनों ने अस्पताल के कार्यवाहक पीएमओ (मुख्य चिकित्सा अधिकारी) डॉ. सुरेंद्र खिंची एवं नर्सिंग अधीक्षक भंवरलाल के साथ न केवल तीखी नोकझोंक और गाली-गलौज की, बल्कि उनके साथ मारपीट भी कर डाली। लेबर रूम जैसे संवेदनशील स्थान पर हुई इस अचानक हिंसा से अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया और वहां मौजूद मरीज व अन्य स्टॉफ सहम गए।

मामले की सूचना पुलिस की दी

घटना के तुरंत बाद स्वास्थ्य कर्मियों ने इसकी सूचना स्थानीय चौहटन थाना पुलिस को दी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस टीम ने बिना समय गंवाए मुस्तैदी से मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला।

पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हंगामा करने और मारपीट के आरोपी चार लोगों को मौके से ही हिरासत में ले लिया। हिरासत में लिए गए लोगों में दो महिलाएं और दो पुरुष शामिल हैं, जिनसे पुलिस इस पूरी घटना को लेकर गहनता से पूछताछ कर रही है।

इस शर्मनाक घटना को लेकर अस्पताल के चिकित्सा अधिकारियों, नर्सिंग कर्मचारियों और संपूर्ण स्वास्थ्य कर्मियों में भारी रोष और गहरा आक्रोश व्याप्त है। डॉक्टरों और स्टॉफ ने अस्पताल परिसर में अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई है। चिकित्सा कर्मियों ने प्रशासन से अस्पताल परिसर के भीतर स्थाई सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए तुरंत एक पुलिस चौकी स्थापित करने की मांग की है।

कार्य बहिष्कार की चेतावनी

अस्पताल स्टॉफ ने एकजुट होकर चेतावनी दी है कि यदि इस घटना के आरोपियों के विरुद्ध सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई नहीं की गई और अस्पताल में पुलिस चौकी स्थापित करने की मांग को जल्द पूरा नहीं किया गया, तो वे सामूहिक रूप से कार्य का बहिष्कार करने पर मजबूर होंगे। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच में जुटी है।