Rajasthan Rail Network : एक-दो नहीं, राजस्थान को एक साथ मिलेंगी तीन ट्रेनों की सौगातें, जानें क्या है Good News?

राजस्थान के इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी के इतिहास में इस शुक्रवार 22 मई को एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ने जा रहा है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव राजस्थान के दौरे पर रेलवे की तीन बड़ी सौगात देंगे। रेलवे द्वारा तैयार किए गए फाइनल प्लान के मुताबिक, रेलमंत्री वैष्णव अपने इस दौरे में तीन अलग-अलग शहरों को कवर करेंगे और यात्रियों को लंबे समय से मांग में चल रही ट्रेन सेवाओं की लाइव सौगात देंगे। इस ऐतिहासिक घोषणा के बाद जोधपुर, जालोर, जैसलमेर और जयपुर के यात्रियों में जबरदस्त उत्साह का माहौल है।

पहली सौगात: 20 कोच की होगी जोधपुर-दिल्ली वंदे भारत ट्रेन

जोधपुर और पश्चिमी राजस्थान के यात्रियों के लिए इस समय की सबसे बड़ी अपडेट यह है कि जोधपुर-दिल्ली मार्ग पर चलने वाली प्रीमियम वंदे भारत एक्सप्रेस का पूरी तरह से कायाकल्प किया जा रहा है।

यात्रियों की भारी भीड़ से मिला अपग्रेड: इस रूट पर यात्रियों की भारी वेटिंग लिस्ट और अत्यधिक मांग को देखते हुए रेलवे बोर्ड ने इसकी क्षमता बढ़ाने का फैसला किया है।

अब सीटों की नहीं होगी किल्लत: वर्तमान में यह सेमी-हाई स्पीड ट्रेन केवल 8 कोच के छोटे रैक के साथ संचालित हो रही थी, जिससे कई यात्रियों को टिकट नहीं मिल पाती थी। अब रेलमंत्री शुक्रवार को इसे 20 कोच की संरचना के साथ हरी झंडी दिखाकर अपग्रेड करेंगे। यह राजस्थान की सबसे लंबी और आधुनिक वंदे भारत ट्रेनों में से एक बन जाएगी।

दूसरी सौगात: जैसलमेर तक बढ़ेगी साबरमती-जोधपुर रेल सेवा

गुजरात से आने वाले पर्यटकों और पश्चिमी राजस्थान के सीमावर्ती जिलों को आपस में जोड़ने के लिए रेलवे ने एक और बड़ा रणनीतिक कदम उठाया है। जोधपुर में आयोजित मुख्य समारोह के दौरान रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव साबरमती-जोधपुर रेल सेवा को जैसलमेर तक विस्तार देने की परियोजना का आधिकारिक शुभारंभ करेंगे।

इस विस्तार से गुजरात के अहमदाबाद/साबरमती से सीधे जोधपुर आने वाले देशी-विदेशी सैलानी अब बिना ट्रेन बदले सीधे जैसलमेर के सोनार किले और सैंड ड्यून्स का दीदार करने पहुंच सकेंगे, जिससे थार के पर्यटन व्यवसाय को करोड़ों रुपये का बंपर फायदा मिलने की उम्मीद है।

तीसरी सौगात: दिल्ली-जयपुर से जालोर का कनेक्शन

रेलमंत्री के इस दौरे का सबसे भावुक और ऐतिहासिक क्षण जालोर जिले में देखने को मिलेगा। आजादी के बाद से ही जालोर के लोग देश की राजधानी दिल्ली और राज्य की राजधानी जयपुर के लिए एक सीधी और नियमित ट्रेन सेवा की मांग कर रहे थे।

भुज-दिल्ली ट्रेन बदलेगी जालोर की किस्मत: रेलमंत्री वैष्णव खुद जालोर रेलवे स्टेशन पहुंचेंगे और वहां नई भुज-दिल्ली रेल सेवा (Up & Down Route) को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। यह नई ट्रेन गुजरात के भुज से रवाना होकर भीलड़ी, जालोर, लूनी, पाली-मारवाड़ और जयपुर जंक्शन होते हुए दिल्ली पहुंचेगी। इसके शुरू होते ही जालोर वासियों को पहली बार जयपुर और दिल्ली के लिए किसी ट्रेन की सीधी और आरामदायक कनेक्टिविटी मिल जाएगी।

रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव का ‘मिशन राजस्थान’- मिनट-टू-मिनट रूट मैप

केंद्रीय मंत्री का यह दौरा बेहद व्यस्त होने वाला है, जिसमें वे मारवाड़ से लेकर ढूंढाहड़ अंचल तक रेलवे के इंफ्रास्ट्रक्चर की जमीनी हकीकत परखेंगे:

शुक्रवार सुबह (जोधपुर): वंदे भारत के 20 कोच विस्तार और साबरमती-जैसलमेर एक्सटेंशन का उद्घाटन।

शुक्रवार दोपहर (जालोर): नई भुज-दिल्ली एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर मरुधरा के नए रेल रूट को लाइव करना।

शुक्रवार शाम (पाली): जालोर से विशेष ट्रेन द्वारा पाली आगमन और स्थानीय रेलवे विकास परियोजनाओं की समीक्षा बैठक।

शनिवार सुबह (जयपुर): जयपुर आगमन, बड़े रोजगार मेले (Rojgar Mela) में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत और युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपना।

जयपुर जंक्शन : रेलमंत्री करेंगे री-डेवलपमेंट का ग्राउंड निरीक्षण

शनिवार को जयपुर में रोजगार मेले के बाद रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव उत्तर पश्चिम रेलवे (NWR) के मुख्यालय और जयपुर जंक्शन रेलवे स्टेशन का औचक निरीक्षण भी कर सकते हैं।

आपको बता दें कि जयपुर जंक्शन को केंद्र सरकार की ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ के तहत सैकड़ों करोड़ रुपये की लागत से पूरी तरह री-डेवलप (Re-development) किया जा रहा है, जिसे हवाई अड्डे की तर्ज पर अत्याधुनिक बनाया जा रहा है।

रेलमंत्री निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, नए फुट ओवर ब्रिज (FOB), अंडरपास और यात्री सुविधाओं की प्रोग्रेस रिपोर्ट लाइव देखेंगे।

बदल रही है राजस्थान के रेलवे की रफ्तार

रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव का यह दौरा यह साबित करता है कि केंद्र सरकार के एजेंडे में राजस्थान का रेल नेटवर्क कितनी बड़ी प्राथमिकता पर है। जोधपुर वंदे भारत का 20 कोच का होना, जैसलमेर तक गुजरात की कनेक्टिविटी बढ़ना और जालोर जैसे पिछड़े क्षेत्र को सीधे दिल्ली-जयपुर से जोड़ना, मरुधरा के व्यापार, पर्यटन और आम नागरिकों के सुगम सफर के लिए मील का पत्थर साबित होगा।