Rajasthan : धौलपुर के 23 गांवों से गुजरेगा 6-लेन एक्सप्रेस वे, भूमि अधिग्रहण पूर्ण, 50 फीसदी को मिला मुआवजा

Rajasthan : जमीन अधिग्रहण को लेकर ग्वालियर से आगरा के बीच बनने वाले ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे का निर्माण कार्य करीब 8 माह पीछे चल रहा है। हालांकि धौलपुर जिले से निकलने वाले इस एक्सप्रेस वे के लिए राजाखेड़ा उपखण्ड में 0.57 हेक्टेयर जमीन को छोड़ अधिग्रहण का कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है। वहीं 50 प्रतिशत किसानों को मुआवजा राशि भी दी जा चुकी है। कंपनी ने भी अधिग्रहित जमीन को सुदृढ़ करना सहित विद्युत पोलों को चिह्नित करना प्रारंभ कर दिया है। 4613 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाला आगरा-ग्वालियर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य किसानों के भूमि मुआवजे की मांग और असंतोष के चलते अटका रहा।

किसानों में असंतोष केवल धौलपुर जिले में ही देखने को नहीं मिला, अपितु मध्य प्रदेश के मुरैना और उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में भी किसानों ने कम मुआवजा मिलने पर विरोध दर्ज कराया था। जिस गतिरोध के कारण परियोजना का काम लगभग 8 महीने पिछड़ गया है और निर्माण की प्रक्रिया में देरी हो रही है। लेकिन अब धौलपुर जिले के 23 गांवों से निकलने वाले इस एक्सप्रेस वे के गतिरोध समाप्ति हो चुके हैं, क्योंकि भूमि अधिग्रहण का कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है।

इससे पहले राजाखेड़ा उपखण्ड के किसानों ने आरोप लगाया था कि उत्तर प्रदेश की तुलना में उन्हें काफी कम मुआवजा दिया जा रहा है, जिससे वे भी विरोध में हैं। लेकिन फरवरी माह में जिला कलक्टर के हस्तक्षेप के बाद किसानों की राशि को बढ़ा दिया गया। जिसके बाद किसानों ने एक्सप्रेस वे के लिए अपनी जमीन एनएचएआई को अधिकृत कर दी।

0.51 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहण शेष

सिक्स लाइन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे के निर्माण के बाद धौलुपर क्षेत्र के लोगों को भी राहत मिलेगी और उनका दिल्ली, नोएडा पहुंचा आसान होगा। यह एक्सप्रेस वे जिले के राजाखेड़ा उपखण्ड के 23 गांवों से होकर निकलेगा। जिसके लिए एनएचएआई ने 162.4309 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण की मांग की थी। जिसके बाद अभी तक क्षेत्र में 0.51 हेक्टेयर को छोड़ लगभग पूर्ण जमीन अधिग्रहण हो चुकी है। तो वहीं जमीन देने वाले 50 प्रतिशत किसानों को प्रशासन ने मुआवजा भी दे दिया है।

जानकारी के अनुसार जो 0.51 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहण को शेष है वह भी जल्द एनएचएआई को मिल जाएगी। कंपनी ने भी अधिग्रहित जमीन को सुदृढ़ करना सहित विद्युत पोलों को चिह्नित करना प्रारंभ कर दिया है।

30 माह में करना था एक्सप्रेस वे का निर्माण कार्य

88.4 किलोमीटर लंबा यह 6 लेन आगरा-ग्वालियर एक्सप्रेस वे के निर्माण की प्रक्रिया को नवंबर 2025 में एनएचएआई मेसर्स जीआर इंफ्राप्रोजेक्ट्स से इस परियोजना के लिए करार कर चुका है। बिल्ड ऑपरेट ट्रांसफर (टोल) मोड पर 4613 करोड़ रुपए लागत से यह एक्सप्रेसवे विकसित होना है।

20 साल का अनुबंध है। 30 महीने में एक्सप्रेसवे निर्माण का काम पूरा होना है। ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को बिल्ट ऑपरेट ट्रांसफर यानी बीओटी मॉडल पर विकसित किया जाएगा। एक्सप्रेस वे निर्माण के बाद ग्वालियर से आगरा दोनों शहरों के बीच का सफर 2.5 घंटे से घटकर मात्र लगभग 80 मिनट का रह जाएगा। यह एक्सप्रेसवे ग्वालियर बाईपास स्थित सुसेरा गांव तक बनेगा।

8 बड़े पुल, 23 छोटे पुलों का होगा निर्माण

जानकारी के अनुसार 4613 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाला आगरा-ग्वालियर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे निर्माण के दौरान आठ बड़े पुल, 23 छोटे पुल, छह फ्लाईओवर, एक रेल ओवरब्रिज और 192 पुलिया होंगी। यह एक्सप्रेसवे राष्ट्रीय चंबल वन्यजीव अभयारण्य से होकर गुजरेगा।

घडियालों के संरक्षण के लिए चंबल नदी पर एक केबल स्टे ब्रिज बनेगा। इस पुल पर ध्वनि अवरोधक, लाइट कटर जैसे अन्य वन्यजीव शमन उपाय भी किए जाएंगे।

जल्द ही शेष किसानों को मुआवजा दिया जाएगा

सिक्स लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस लिए उपखण्ड में जमीन अधिग्रहण का कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है। प्रशासन ने जमीन देने वाले 50 प्रतिशत किसानों को मुआवजा भी दे दिया है। जल्द ही शेष किसानों को मुआवजा दिया जाएगा।
सुशीला मीणा, उपखण्डाधिकारी राजाखेड़ा