SI भर्ती रद्द होने से डबल झटका… 59 चयनितों का वर्दी का सपना टूटा, तो बाकी नौकरियां भी हाथ से फिसल गईं

Paper Leak Case Rajasthan: राजस्थान में पेपर लीक के कारण उप निरीक्षक (SI) भर्ती-2021 रद्द होने के बाद चयनित अभ्यर्थियों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। अब ऐसे 59 अभ्यर्थियों का मामला सामने आया है, जिन्होंने एसआइ पद पर ट्रेनिंग के दौरान कठिन परिश्रम कर अन्य सरकारी नौकरियां हासिल कर ली थी। पुलिस विभाग के बॉन्ड, ट्रेनिंग खर्च और वेतन वापसी की शर्तों के कारण वे दूसरी नौकरी जॉइन नहीं कर सके।

अब एसआइ भर्ती रद्द होने के बाद ये अभ्यर्थी खुद को दोहरी सजा का शिकार बता रहे हैं। इन अभ्यर्थियों ने राज्य सरकार से मांग की है कि जिन पदों पर उनका अंतिम चयन हो चुका था और नियुक्ति आदेश जारी हो चुके थे, वहां उन्हें एक बार पुनः नियुक्ति का अवसर दिया जाए। अभ्यर्थियों का कहना है कि कई लोगों ने एसआइ पद को बेहतर मानते हुए दूसरी नौकरी जॉइन नहीं की, जबकि कुछ अभ्यर्थी उच्च पदों पर जाना चाहते थे, लेकिन पुलिस विभाग की शर्तें उनके सामने बाधा बन गईं।

59 अभ्यर्थियों का अन्य नौकरियों में हुआ था चयन

अभ्यर्थियों के अनुसार एसआइ भर्ती-2021 के दौरान चयनित 59 अभ्यर्थियों ने ट्रेनिंग के समय विभिन्न विभागों की भर्तियों में सफलता प्राप्त की थी। इनमें आरएएस एलाइड के 5, स्कूल लेक्चरर व सेकंड ग्रेड शिक्षक के 11-11, अध्यापक लेवल-2 के 16, अध्यापक लेवल-1 व ग्राम विकास अधिकारी के 3-3, कृषि विभाग के 2, हाईकोर्ट एलडीसी के 4, पटवारी के 2, जूनियर अकाउंटेंट व फॉरेस्ट गार्ड के 1-1 पद पर चयन शामिल है।

पांच नौकरियों में चयन फिर भी बेरोजगार

पीड़ित अभ्यर्थी अनिल महला ने बताया कि उन्होंने एसआइ भर्ती-2016 में इंटरव्यू पास किया। अध्यापक भर्ती लेवल-2 में हिंदी और सामाजिक विज्ञान विषय में उनका चयन हुआ। पटवारी भर्ती-2021 में नियुक्ति मिली और बाद में एसआइ भर्ती-2021 में चयन होने पर अन्य पद छोड़कर उप निरीक्षक पद जॉइन किया। ट्रेनिंग के दौरान उन्होंने स्कूल लेक्चरर भर्ती-2022 भी पास कर ली और जनवरी 2024 में नियुक्ति आदेश भी मिल गया था।

लेकिन पुलिस विभाग की ओर से ट्रेनिंग खर्च और बॉन्ड राशि जमा कराने की शर्त के कारण वे लेक्चरर पद जॉइन नहीं कर पाए। महला ने बताया कि 5 नौकरियों में चयन होने के बावजूद वे आज बेरोजगार हैं। मेरी बेटी नीट की तैयारी कर रही है। अब उसे पढ़ाऊं या खुद फिर से प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करूं।

वीर सैनिक नौकरी के लिए लगा रहा गुहार

भारतीय सेना में 17 वर्ष सेवा दे चुके अमर सिंह अब एसआइ भर्ती निरस्त होने के बाद फिर से नौकरी की मांग कर रहे हैं। अमर सिंह ने 2016 में कुपवाड़ा सेक्टर में पांच पाकिस्तानी आतंककारियों को मार गिराया था, जिसके लिए उन्हें राष्ट्रपति की ओर से सेना मेडल दिया गया। वहीं 2019 में नौशेरा सेक्टर में ऑपरेशन बंदर के दौरान दो पाकिस्तानी सैनिकों को मारने पर वीरता पुरस्कार मिला।

उन्होंने 2017 में लेबनान में शांति सैनिक के रूप में भी सेवाएं दीं। सेवानिवृत्ति के बाद उनका चयन एसआइ, आरएएस-2021 और पटवारी भर्ती में हुआ, लेकिन एसआइ बनने के बाद अन्य नौकरियां जॉइन नहीं कीं। अब वे पहले हुए चयन पर दोबारा मौका देने की मांग कर रहे हैं।

सरकार से विशेष राहत की मांग

अभ्यर्थियों ने राज्य सरकार से मांग की है कि जिन पदों पर उनका अंतिम चयन हो चुका था और नियुक्ति आदेश जारी हो गए थे,वहां विशेष परिस्थितियों को देखते हुए दोबारा जॉइनिंग का अवसर दिया जाए।