Jalore bypass News : अमेरिका-ईरान तनाव का असर, डामर संकट से NH-325 का काम ठप

जालोर। नेशनल हाइवे 325 के जालोर बायपास का निर्माण कार्य डामर की कमी और बढ़ती कीमतों के कारण अधर में लटक गया है। इस महत्वपूर्ण 14 किलोमीटर लंबे बायपास के डामरीकरण के लिए लगभग 100 टन डामर की आवश्यकता है, लेकिन बाजार में इसकी उपलब्धता लगभग न के बराबर है। निर्माण कार्य से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे भू-राजनीतिक संघर्ष का सीधा और गंभीर असर डामर की वैश्विक कीमतों पर पड़ा है।

कीमतों में लगभग दोगुने की वृद्धि ने निर्माण लागत को अप्रत्याशित रूप से बढ़ा दिया है। देश की प्रमुख डामर मंडियां जैसे पंजाब, गुजरात और महाराष्ट्र भी इन विकट हालात और महंगाई के कारण डामर की गंभीर कमी का सामना कर रही हैं। इससे जालोर में बायपास निर्माण के लिए आवश्यक डामर मिलना अत्यंत मुश्किल हो गया है।

यह काम हो चुका पूरा, केवल बीटूमिन का इंतजार

परियोजना का डब्ल्यूएमएम (वेट मिक्स मैकाडम) का काम पहले ही पूरा किया जा चुका है। अब केवल डामरीकरण का कार्य शेष है, जिसके लिए डामर की आपूर्ति का इंतजार है। इस बायपास के पूरा होने से जालोर शहर को यातायात जाम से बड़ी राहत मिलेगी और आवागमन सुगम होगा, लेकिन डामर की अनुपलब्धता ने इस महत्वपूर्ण परियोजना को रोक दिया है। संबंधित विभाग डामर की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रयासरत है, ताकि शेष कार्य को शीघ्रता से पूरा किया जा सके।

भाव आसमान छू रहे, उपलब्धता भी घटी

करीब पांच माह पूर्व डामर के भाव 48 से 52 रुपए प्रति किलो थे। जो अब बढकऱ 92 से 100 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। बीटूमिन (डामर) क्रूड ऑयल का ही एक घटक है। क्रूड ऑयल की उपलब्धता में आई कमी डामर के निर्माण में कमी का कारण बनी है। जिसका असर यह हुआ कि जो प्रोडक्ट मौजूद भी है, उसके दाम आसमान छू रहे हैं।

जालोर में बायपास बनने पर मिलेगा ट्रेफिक रिलिफ

बिशनगढ़ रोड पर श्रीराम ग्रेनाइट इकाई के पास से ओवरब्रिज से बायपास की शुरुआत होगी। जबकि 14 किमी दूर सांकरना गांव के पास जवाई नदी पुल तक यह ट्रेफिक रिलिफ कोरिडोर बनेगा। इसके निर्माण से बिशनगढ़ से आहोर, तखतगढ़, जोधपुर, जयपुर, दिल्ली की ओर आवाजाही करने वाले वाहन चालकों को बायपास का विकल्प मिलेगा। जिससे शहरी क्षेत्र की आबादी से अक्सर ट्रेफिक जाम की स्थिति से भी राहत मिलेगी।

ऐसा स्ट्रक्चर जिससे सुधरेगी व्यवस्था

पुराने मार्ग पर लेटा जवाई नदी पुल की ऊंचाई कम होने पर नदी उफान पर होने से रास्ता बंद हो जाता था। अब इस पर 253 मीटर लंबा नया ब्रिज बनाया गया है। जिससे भारी बारिश में भी यह रास्ता अवरुद्ध नहीं होगा। इसी तरह बाय पास हिस्से पर रतनपुरा रोड, सामतीपुरा रोड और श्रीराम ग्रेनाइट इकाई पर ओवरब्रिज बनाए गए हैं। सामतीपुरा रेलवे क्रॉसिंग के पास ही रेलवे क्रॉसिंग पर स्टील आर्च ब्रिज का निर्माण किया गया है।

इन्होंने कहा

(एनएच) पीडब्ल्यूडी एक्सईएन रोहिताश्व सिंह ने बताया कि बीटूमिन की उपलब्धता में कमी से दिक्कत है। बकाया काम के लिए डामर की डिमांड की गई है। मई माह के अंत तक बकाया कार्य पूरा करने का प्रयास है। साइन बोर्ड व अन्य कार्य 15 जून तक पूरे किए जाएंगे।