Rajasthan GST Collection: जयपुर. वित्त (राजस्व) विभाग की समीक्षा बैठक शासन सचिवालय में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में आयोजित हुई। वित्त (राजस्व) विभाग की समीक्षा बैठक में प्रदेश की राजस्व स्थिति पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के राजस्व संग्रह, वसूली प्रक्रिया और आगामी रणनीतियों की समीक्षा की गई।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश में राजस्व बढ़ोतरी के लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए तथा बकाया राजस्व वसूली को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए। उन्होंने कहा कि राजस्व संग्रहण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी बनाने के लिए तकनीक आधारित व्यवस्था को मजबूत करना जरूरी है।
बैठक में जानकारी दी गई कि वित्तीय वर्ष 2026-27 की शुरुआत राज्य सरकार के लिए सकारात्मक रही है। अप्रैल 2026 में प्रदेश को कुल 11,235 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ, जो अप्रैल 2025 की तुलना में 15.71 प्रतिशत अधिक है। राज्य सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए कुल 1,91,103 करोड़ रुपये का बजट अनुमान निर्धारित किया है।
राजस्व वृद्धि में वस्तु एवं सेवा कर (GST) का महत्वपूर्ण योगदान
राजस्व वृद्धि में वस्तु एवं सेवा कर (GST) का महत्वपूर्ण योगदान रहा। अप्रैल 2026 में जीएसटी से 4,749 करोड़ रुपए का संग्रह हुआ,जो पिछले वर्ष के इसी महीने की तुलना में 29.68 प्रतिशत अधिक है। वहीं, मूल्य वर्धित कर (VAT) से 2,008 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ, जिसमें 11.85 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
अप्रैल 2026 में 1,121 करोड़ रुपए का राजस्व संग्रह
इसके अलावा पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग ने भी बेहतर प्रदर्शन किया। विभाग द्वारा अप्रैल 2026 में 1,121 करोड़ रुपए का राजस्व संग्रह किया गया, जो अप्रैल 2025 की तुलना में 31.68 प्रतिशत अधिक रहा। अधिकारियों ने बताया कि संपत्ति पंजीयन प्रक्रिया में डिजिटलीकरण और ऑनलाइन सेवाओं के विस्तार से राजस्व संग्रह में तेजी आई है।
कर चोरी पर रोक लगाने के लिए AI आधारित “ओवरआर्किंग” लागू
मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य सरकार राजस्व वृद्धि को और अधिक गति देने के लिए आधुनिक तकनीकों तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग कर रही है। फर्जी करदाताओं की पहचान और कर चोरी पर रोक लगाने के लिए AI आधारित “ओवरआर्किंग AI-Driven Tax Intelligence System” लागू किया जा रहा है। यह प्रणाली रियल टाइम डेटा विश्लेषण के जरिए संदिग्ध लेनदेन और कर अनियमितताओं की निगरानी करेगी।
बैठक में अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि नई तकनीकों और पारदर्शी व्यवस्था के माध्यम से प्रदेश के राजस्व संग्रह को आगामी महीनों में और मजबूत किया जाएगा।