Weather Update : मौसम विभाग के नए अपडेट के अनुसार थोड़ी देर में राजस्थान के 8 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश, तेज हवा का येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार चूरू, सीकर, झुंझुनू, कोटपूतली बहरोड, खैरथल तिजारा, अलवर, डीग तथा भरतपुर जिले में कहीं-कहीं हल्के से माध्यम बारिश, मेघगर्जन व गरज चमक के साथ 30-40 KMPH गति से तेज हवाएं चलने की संभावना है।
मौसम केंद्र के अनुसार राजस्थान में इस हफ्ते गर्मी से राहत मिलने की संभावना कम है। आने वाले दिनों में तेज गर्मी के साथ लू का दौर भी जारी रहेगा। हालांकि, कुछ इलाकों में दोपहर बाद हल्की बारिश की भी संभावना है।
सबसे गर्म जगह जैसलमेर जिला
राजस्थान में भीषण गर्मी और लू से जनता परेशान है। चौथे दिन देश की सबसे गर्म जगह राजस्थान का जैसलमेर जिला रहा। यहां पर तापमान करीब 46.1 डिग्री दर्ज किया गया। तीन दिन बाड़मेर देश का सबसे गर्म शहर था। मौसम केंद्र जयपुर ने आज भी गर्मी को लेकर 4 जिलों में रेड अलर्ट और 13 जिलों में लू की चेतावनी जारी की है।
जयपुर में आज सुबह 9 बजे तापमान 36 डिग्री सेल्सियस दर्ज
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार बीते 24 घंटे में जयपुर में बुधवार दिनभर तेज गर्मी रही। अधिकतम तापमान 43.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। दिन में लू चली, लेकिन शाम होने के साथ ही मौसम में बड़ा बदलाव आया। आसमान में बादल छाने के साथ ही कई स्थानों पर धूल भरी आंधी और दोपहर बाद बूंदाबांदी भी हुई।
जयपुर के मौसम का आज दोपहर 1 बजे तापमान 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं आज जयपुर का अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है।
लू-तापघात से बचाव को चिकित्सा विभाग की एडवाइजरी
सवाईमाधोपुर में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी अनिल कुमार जैमिनी ने लू-तापघात से बचाव के लिए आमजन के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने बताया कि गर्मी के प्रकोप में बच्चे, वृद्ध, गर्भवती महिलाएं, धूप में कार्यरत श्रमिक व यात्री अधिक प्रभावित होते हैं। लू-तापघात के लक्षणों में सिरदर्द, अत्यधिक प्यास, थकावट, जी मिचलाना, चक्कर आना, शरीर का तापमान बढ़ना (105 एफ या अधिक), पसीना बंद होना, त्वचा का लाल व सूखा होना तथा बेहोशी शामिल हैं। उचित उपचार के अभाव में मृत्यु भी संभव है।
बचाव के लिए सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक तेज धूप से बचने की सलाह दी गई है। बाहर निकलने पर छाते का उपयोग करें या सिर व बदन को ढंककर रखें। पर्याप्त मात्रा में ठंडा जल, शीतल पेय, छाछ और फलों का रस पीते रहें। कार्यस्थलों पर छाया व पानी का प्रबंध अवश्य रखें। प्रभावित व्यक्ति को तुरंत छायादार स्थान पर लेटाएं, गीले कपड़े से स्पंज करें और कपड़े ढीले करें। होश में होने पर ठंडे पेय पदार्थ दें और तत्काल नजदीकी चिकित्सा संस्थान ले जाएं।
अनिल कुमार जेमिनी ने चिकित्सा संस्थानों को लू-तापघात के रोगियों के लिए बेड आरक्षित रखने, वार्ड ठंडा रखने, शुद्ध व ठंडे पेयजल की व्यवस्था करने तथा आपातकालीन किट तैयार रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने आमजन से 10 बजे से दोपहर 3 बजे के बीच बाहर न निकलने और दही, छाछ, नींबू पानी जैसे ठंडे पेय पदार्थों का अधिक सेवन करने का आग्रह किया।