झुंझुनूं। लॉरेंस बिश्नोई-गोल्डी बराड़ गैंग के कुख्यात शार्पशूटर सचिन भिवानी को पुलिस ने प्रोडक्शन वारंट पर हरियाणा की जेल से गिरफ्तार कर शनिवार को झुंझुनूं कोर्ट में पेश किया। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच चार दिन तक उससे पूछताछ की गई, जिसके बाद अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश दिए। सचिन भिवानी का नाम पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में भी प्रमुख आरोपियों में शामिल रहा है।
जांच एजेंसियों के मुताबिक सचिन भिवानी उन शूटरों में शामिल था जिन्होंने मूसेवाला पर बेहद करीब से फायरिंग की थी। आरोपी को पुलिस 5 मई को प्रोडक्शन वारंट पर झुंझुनूं लेकर आई थी।
लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ गैंग का शॉर्पशूटर
पुलिस अधिकारियों के अनुसार सचिन लंबे समय से लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ गैंग के लिए काम कर रहा था। राजस्थान, हरियाणा और पंजाब में उसकी सक्रियता मानी जाती है। उसके खिलाफ हत्या, रंगदारी, अपहरण, मारपीट और हत्या के प्रयास जैसे गंभीर अपराधों के दो दर्जन से अधिक मामले दर्ज बताए जा रहे हैं। इनमें कई मर्डर केस भी शामिल हैं।
संदीप डांगी केस में लाया गया राजस्थान
झुंझुनूं के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक देवेंद्र सिंह राजावत ने बताया कि सचिन को वर्ष 2022 में दर्ज अपहरण और मारपीट के मामले में पूछताछ के लिए लाया गया था। पुलिस के मुताबिक भड़ौंदा गांव निवासी संदीप डांगी और गैंगस्टर संपत नेहरा के बीच पैसों के लेन-देन को लेकर विवाद हुआ था। आरोप है कि संपत नेहरा के कहने पर सचिन और उसके साथियों ने गुढ़ा मोड़ से संदीप डांगी का अपहरण किया और उसके साथ मारपीट कर उसे हरियाणा के लोहारू इलाके में छोड़ दिया था।
कपिल पंडित पहले हो चुका गिरफ्तार
इस मामले में पुलिस पहले ही सचिन के सहयोगी कपिल पंडित को गिरफ्तार कर चुकी है। कपिल भी लॉरेंस और गोल्डी बराड़ गिरोह से जुड़ा बताया जाता है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क और राजस्थान में गैंग की गतिविधियों को लेकर भी जांच कर रही है।
पूरे दिन अलर्ट मोड पर रही पुलिस
सचिन की पेशी को देखते हुए झुंझुनूं पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर रही। कोतवाली थाना और कोर्ट परिसर को हाई सिक्योरिटी जोन में बदल दिया गया था। पेशी से पहले राजकीय बीडीके अस्पताल में हथियारबंद पुलिस जवानों की निगरानी में उसका मेडिकल करवाया गया। इसके बाद क्यूआरटी टीम और अतिरिक्त पुलिस बल की मौजूदगी में उसे कोर्ट लाया गया।
सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड का प्रमुख आरोपी
गौरतलब है कि सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड के बाद देशभर की जांच एजेंसियों ने लॉरेंस गैंग के नेटवर्क पर कार्रवाई तेज की थी। सचिन भिवानी को इस गैंग का अहम सदस्य माना जाता है, जिसने कई राज्यों में गैंग के लिए काम किया। जांच एजेंसियों के अनुसार सचिन सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में शामिल था। इसने वारदात से पहले और बाद में भी शूटरों की मदद की थी। अब झुंझुनूं पुलिस उससे जुड़े अन्य मामलों और नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगी हुई है।