Bengal Elections Result: पश्चिम बंगाल में बीजेपी की जीत पर क्या बोले पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत

West Bengal Elections Result: जयपुर। पश्चिम बंगाल समेत पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव की मतगणना जारी है। इस बीच, राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने बंगाल के नतीजों को लोकतंत्र के लिए निराशाजनक बताते हुए कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता देश में लोकतंत्र बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं और पार्टी ही देश को सही दिशा दे सकती है।

गहलोत ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर लिखा कि बंगाल सहित 3 राज्यों के नतीजे निराश करने वाले हैं। लेकिन हम हतोत्साहित नहीं होंगे। राजस्थान सहित देश के सभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संकल्प लेकर कठिन परिश्रम में जुट जाना चाहिए और उसी संकल्प पर आगे बढ़ना चाहिए।

हम सभी कांग्रेस कार्यकर्ता लोकतंत्र बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं। इस देश को जरूरत कांग्रेस की है एवं कांग्रेस ही इस देश के लोकतंत्र को बचा सकती है। बंगाल सहित 3 राज्यों के नतीजे निराश करने वाले हैं परन्तु हम हतोत्साहित नहीं होंगे। आज के दिन राजस्थान सहित देश के सभी कांग्रेस…

— Ashok Gehlot (@ashokgehlot51) May 4, 2026

केरलम में UDF की जीत पर जताया मतदाताओं का आभार

गहलोत ने संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (UDF) की जीत पर मतदाताओं का आभार जताया और इसे धर्मनिरपेक्ष विचारधारा व जनकल्याणकारी नीतियों की जीत बताया। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, CPP चेयरपर्सन सोनिया गांधी और विपक्ष के नेता राहुल गांधी, वायनाड़ से सांसद एवं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के नेतृत्व में, कांग्रेस के नेतृत्व वाली UDF सरकार केरलम में सुशासन प्रदान करेगी। बाकी जगह पर नतीजे हमारे लिए निराशाजनक रहे हैं लेकिन जिन कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुश्किल परिस्थितियों में भी मेहनत से काम किया जिसके लिए वह धन्यवाद के पात्र हैं।

बंगाल के नतीजों से पूरा देश निराश-गहलोत

अशोक गहलोत ने आगे लिखा-‘खासकर बंगाल के नतीजों से तो पूरा देश निराश है। राहुल गांधी ने एकदम सही कहा कि TMC सरकार पर समय समय पर आरोप लगे एवं उनकी खामियों की वजह से भाजपा को घुसने का मौका मिल गया और अब भाजपा ने वहां की सत्ता लूट ली। आजादी के बाद इस देश ने अनेक चुनाव देखे हैं, परंतु इस बार बंगाल में जो कुछ हुआ वह अभूतपूर्व एवं निंदनीय है।

CAPF की बख्तरबंद गाड़ियां सड़कों पर उतारी गईं। मतदाताओं को डराया-धमकाया गया। पैसों का खुला वितरण हुआ और SIR के माध्यम से लाखों वैध मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से काटे गए। लाखों की संख्या में पश्चिम बंगाल के निवासी अपनी ही जन्मभूमि में अपना वोट नहीं डाल सके, उससे बड़ा लोकतांत्रिक अपराध क्या होगा? यह केवल और केवल सत्ता के बल पर पाई गई जीत है।’