बांसवाड़ा। गढ़ी कस्बा थाना क्षेत्र के मादलदा गांव निवासी शिक्षक डूंगरलाल (58) पुत्र देवाजी का शव रविवार सुबह खेत में मिलने से गांव में सनसनी फैल गई। परिजनों के हत्या की आशंका जताने पर सैकड़ों ग्रामीण एकत्रित हो गए और जांच की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। देर शाम तक मांग पूरी नहीं होने पर धरना चलता रहा और शाम को सहमति बनी, जिसके बाद शव पीएम के लिए मोर्चरी भिजवाया गया। मृतक डूंगरलाल के पुत्र ने इस मामले में अज्ञात व्यक्तियों पर हत्या का मामला दर्ज करवाया है।
गढ़ी थानाधिकारी प्रकाशचंद ने बताया कि दर्ज रिपोर्ट के अनुसार रामदेव ने बताया कि उनके पिता डूंगरलाल यादव 2 मई की शाम सात बजे घर से खेत के लिए निकले थे, जो रात तक घर नहीं आए। पिता को कॉल किया तो रिसीव नहीं हुआ। रात भर इंतजार करते के बाद वे सुबह 4 बजे पड़ोसी रमेश यादव को साथ लेकर खेतों की ओर गए तो यहां खेतों के बाहर पिता की बाइक पड़ी मिली और मेड के पास डूंगरलाल का शव दिखाई दिया।
डॉग स्कवॉयड से जांच कराने की मांग पर अड़े रहे ग्रामीण
मृतक के सिर के पीछे और मुंह से खून निकल रहा था। रामदेव ने परिजनों और पुलिस को सूचना दी। सूचना पर थानाधिकारी मय जाप्ता मौके पर पहुंचे और जिला मुख्यालय से फॉरेंसिक टीम और एमओबी टीम को मौके पर बुलवाया और साक्ष्य जुटाए। लेकिन ग्रामीणों ने हत्या की आशंका जताते हुए शव को नहीं उठाने दिया और डॉग स्कवॉयड टीम बुलाने की मांग पर अड़ गए। इधर, डॉग स्कवॉयड की व्यवस्था नहीं होने पर स्थानीय गढ़ी ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष एवं उप प्रधान दशरथ सिंह वाघेला ग्रामीणों के साथ खेत में टेंट लगा धरने पर बैठ गए और जांच की मांग को दोहराते रहे।
समझाइश के बाद शाम को बनी सहमति
मामला बढ़ता देख अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरपत सिंह रावल सहित गढ़ी थाना अधिकारी रमेश मीणा, वृत अधिकारी बाबूलाल रैगर, गढ़ी तहसीलदार लालशंकर बुनकर, अरथूना थाना अधिकारी विनोद, लोहारिया थाना अधिकारी जयपाल सिंह, आनन्दपुरी थाना अधिकारी कपिल पाटीदार भी पहुंचे और ग्रामीणों से समझाइश करते रहे। आखिर में शाम 5 बजे बाद ग्रामीणों और पुलिस के बीच सहमति बनी, जिसके बाद ग्रामीणों ने धरना समाप्त किया। अब शव को पोस्टमार्टम के लिए एमजी अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है।