बूंदी. जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के उद्देश्य से आरजीएचएस संयुक्त निदेशक एवं जिला प्रभारी डॉ. वासुदेव मिश्रा का शनिवार को तीन दिवसीय दौरा पूरा हुआ। इस दौरान उन्हें विभिन्न चिकित्सा संस्थानों में कई खामियां मिलीं, जिस पर उन्होंने सात दिन में सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। डॉ. मिश्रा ने स्पष्ट संदेश दिया कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
दौरे के दौरान डॉ. मिश्रा ने नैनवां देई, कापरेन और बूंदी ब्लॉक के चिकित्सा संस्थानों तथा जिला अस्पताल में भी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने साफ-सफाई व्यवस्था, लेबर रूम की कार्यप्रणाली, शौचालयों की स्थिति, दवा वितरण प्रणाली, निशुल्क जांच सेवाओं और ओपीडी-आईपीडी संचालन का गहन मूल्यांकन किया। मरीजों की सुविधा, कतार प्रबंधन और सेवाओं की गुणवत्ता में कमी पाई गई। वीडियो कॉन्फ्रेंङ्क्षसग के माध्यम से डॉ. मिश्रा ने सभी चिकित्सा प्रभारियों से संवाद किया और विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, ऑनलाइन रिपोर्टिंग में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान अधिकारी सीएमएचओ डॉ. ओ.पी. सामर व पीएमओ डॉ. एल.एन. मीणा आदि से व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी लेते रहे।
गर्मी में व्यवस्थाएं दुरुस्त रखें
बढ़ती गर्मी को देखते हुए उन्होंने चिकित्सा संस्थानों में आवश्यक संसाधनों, दवाओं की उपलब्धता और पेयजल व्यवस्था को दुरुस्त रखने पर जोर दिया। जिला अस्पताल में नि:शुल्क दवा योजना के तहत दवाओं की अनुपलब्धता पर उन्होंने पीएमओ डॉ.एल.एन. मीणा को शीघ्र लोकल परचेज कर मरीजों की परेशानी दूर करने के निर्देश दिए।
डॉ. मिश्रा ने लू तापघात से बचाव के इंतजामों, शुद्ध पेयजल, कूङ्क्षलग व्यवस्था और दवा रखरखाव पर विशेष ध्यान देने को कहा। अधिकारियों ने निरीक्षण के दौरान अस्पताल में लगे फायर सेफ्टी, नि:शुल्क दवा जांच योजना, मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना, एंबुलेंस सेवाएं सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। जहां भी कमियां मिलीं, संबंधित अधिकारियों को सात दिन में सुधार करने का अल्टीमेटम दिया गया। इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।