Rajasthan Energy Saving : जयपुर. राजस्थान में ऊर्जा बचत और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए नई भवन संहिता लागू होगी। राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम ने राजस्थान ऊर्जा संरक्षण एवं सस्टेनेबल भवन संहिता का ड्राफ्ट जारी कर दिया है। यह व्यावसायिक भवनों में ऊर्जा दक्षता के न्यूनतम मानक तय करेगी। ड्राफ्ट में इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग, नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग और बेहतर निर्माण मानकों को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है। इसका उद्देश्य है कि नए भवन कम ऊर्जा खपत करें और पर्यावरण पर दबाव कम पड़े।
खास यह है कि नियमाें की पालना करने पर बिल्डिंग में 5 से 10 प्रतिशत ज्यादा निर्माण, बिल्डिंग पार्किंग का 20 प्रतिशत हिस्सा ईवी चार्जिंग के लिए अनिवार्य करने सहित अन्य महत्वपूर्ण प्रावधान प्रस्तावित किए गए हैं। इस मसौदे पर भवन विशेषज्ञों, डवलपर्स और आमजन से 31 मई तक सुझाव मांगे हैं।
इन भवनों पर लागू होगी संहिता
प्रस्तावित राजस्थान ऊर्जा संरक्षण एवं सस्टेनेबल भवन संहिता, उन व्यवसायिक भवनों पर लागू होगा जिनका कनेक्टेड लोड 100 किलोवॉट या उससे अधिक अथवा कॉन्ट्रैक्ट डिमांड 120 किलोवॉट या उससे अधिक अथवा बिल्टअप एरिया 2000 वर्ग मीटर या उससे अधिक होगा।
1- कनेक्टेड लोड 100 किलोवाट या उससे अधिक
2- कान्ट्रैक्ट डिमांड 120 किलोवाट या उससे अधिक या 2000 वर्गमीटर या उससे अधिक बिल्टअप एरिया वाले व्यवसायिक भवन
4 प्रतिशत बिजली अन्य स्रोतों से लेना जरूरी
नई व्यवस्था के तहत बड़ी बिल्डिंगों में पार्किंग का कम से कम 20 प्रतिशत हिस्सा ईवी चार्जिंग सुविधा के लिए विकसित करना होगा। इसके साथ ही भवनों को अपनी कुल बिजली खपत का न्यूनतम 4 प्रतिशत हिस्सा सौर या अन्य नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से लेना अनिवार्य होगा। इससे इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा मिलेगा और पारंपरिक ऊर्जा पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी।
ऊर्जा नियमों का पालन, ज्यादा निर्माण का फायदा
यदि किसी बिल्डिंग में तय ऊर्जा नियमों का बेहतर पालन होता है तो उसे प्रोत्साहन के तौर पर अतिरिक्त बिल्टअप एरिया रेशो (बीएआर) मिलेगा यानि ज्यादा निर्माण एरिया की अनुमति मिलेगी।
मान लीजिए किसी भूखंड पर सामान्य नियमों के अनुसार 1000 वर्गमीटर निर्माण की अनुमति है, तो बेहतर अनुपालन करने पर 5 से 10 प्रतिशत अतिरिक्त छूट मिलेगी। यानि, बिल्डिंग में 1050 से 1100 वर्गमीटर तक निर्माण हो सकेगा।