Swachh Survekshan: स्वच्छ सर्वेक्षण में बाज़ी कौन मारेगा ? राजस्थान सरकार ने शुरू किया बड़ा अभियान

Solid Waste Management: जयपुर. जयपुर में हुई एक अहम बैठक ने प्रदेश की स्वच्छता व्यवस्था को लेकर बड़ा संकेत दे दिया है। अब कचरा प्रबंधन में लापरवाही करना आसान नहीं रहेगा, क्योंकि सरकार सख्त कदम उठाने के मूड में है। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स-2026 को लेकर दिए गए नए निर्देशों ने नगरीय निकायों में हलचल बढ़ा दी है। खास बात यह है कि इस बार फोकस सिर्फ नियमों पर नहीं, बल्कि आम जनता की भागीदारी पर भी है। सवाल यह है—क्या शहर सच में साफ होंगे या फिर जुर्माने और सख्ती का दौर शुरू होने वाला है?

नगरीय निकायों में स्वच्छता व्यवस्थाओं को और अधिक प्रभावी एवं परिणामोन्मुख बनाने के उद्देश्य से स्वायत्त शासन विभाग ने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट को लेकर सख्त रुख अपनाया है। शासन सचिव रवि जैन की अध्यक्षता में आयोजित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स-2026 की प्रभावी अनुपालना सुनिश्चित करने के लिए सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस बैठक में प्रदेशभर के नगरीय निकायों के अधिकारी जुड़े। बैठक में विभागीय वरिष्ठ अधिकारियों ने भी भाग लिया और जमीनी स्तर पर चल रही स्वच्छता व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। शासन सचिव ने कहा कि सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स-2026 के सभी प्रावधानों को गंभीरता से लागू किया जाए और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उन्होंने विशेष रूप से बल्क वेस्ट जनरेटर्स (BWGs) के लिए निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही, रंग आधारित कचरा पात्र (कलर कोडिंग) प्रणाली को हर शहर और कस्बे में पूरी तरह लागू करने पर जोर दिया गया, ताकि कचरे का वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन किया जा सके।

जैन ने स्पष्ट किया कि कचरे का स्रोत स्तर पर पृथक्करण अनिवार्य किया जाए। यदि कोई व्यक्ति या संस्था इसका पालन नहीं करती है, तो उनके खिलाफ यूजर चार्ज और दंडात्मक कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही आमजन में जागरूकता बढ़ाने के लिए सूचना, शिक्षा एवं संचार (IEC) गतिविधियों को और तेज करने के निर्देश दिए गए, ताकि लोग नए नियमों को समझें और उनका पालन करें।

बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट से संबंधित सभी कार्यों की फोटो सहित विस्तृत रिपोर्ट निर्धारित समयसीमा में विभाग को भेजी जाए। इससे राज्य की प्रगति को प्रभावी तरीके से प्रस्तुत किया जा सकेगा।

इसके अलावा स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 को लेकर भी महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए गए। शासन सचिव ने सभी नगरीय निकायों को निर्देशित किया कि Citizen Feedback में अधिकतम नागरिक सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान चलाए जाएं। विद्यालयों, महाविद्यालयों, स्वयंसेवी संगठनों, महिला समूहों और युवा मंडलों को इस अभियान से जोड़कर इसे जनआंदोलन का रूप देने पर जोर दिया गया।

उन्होंने कहा कि स्वच्छता तभी सफल होगी जब हर नागरिक इसमें सक्रिय भागीदारी निभाए। इसके लिए आवश्यक है कि स्वच्छता को एक आदत के रूप में अपनाया जाए और इसे जन-जन का अभियान बनाया जाए।