श्रीगंगानगर। विधायक जयदीप बिहाणी पर कथित हमले के बाद शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार किए गए तीनों अधिकारियों को शुक्रवार को एसडीएम कोर्ट से जमानत मिल गई। अदालत ने प्रत्येक आरोपी को 30-30 हजार रुपए के बंधपत्र और समान राशि के मुचलके पर रिहा करने के आदेश दिए।
जवाहरनगर सीआई देवेन्द्र सिंह के अनुसार, घटना के दौरान आरयूआईडीपी के सहायक अभियंता जगनलाल बैरवा, ठेका कंपनी एलएंडटी के प्रोजेक्ट मैनेजर शाहनवाज हुसैन और इंजीनियर सोहम परमार को गिरफ्तार किया गया था। तीनों आरोपियों को शुक्रवार को एसडीएम कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जमानत प्रदान की गई।
कोर्ट में रो पड़ीं इंजीनियर की पत्नी
अदालत ने सुनवाई के दौरान तीनों आरोपियों के मेडिकल परीक्षण कराने के भी निर्देश दिए। इस बीच एईएन जगनलाल बैरवा के परिजन सवाई माधोपुर से श्रीगंगानगर पहुंचे और जमानत की प्रक्रिया पूरी की। कोर्ट परिसर में उस समय भावुक माहौल देखने को मिला, जब बैरवा की पत्नी अपने पति की स्थिति देखकर रो पड़ीं। वहां मौजूद परिजनों और परिचितों ने उन्हें संभाला।
एलएंडटी के खिलाफ लामबंद हुए पुराने ठेकेदार
इधर, एलएंडटी के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ अब पुराने सब ठेकेदार लामबंद हो गए हैं। इन ठेकेदारों ने विधायक बिहाणी को पिछले तीन सालों में पाइप लाइन बिछाने के दौरान हुई धांधली के बारे में फीडबैक दिया है। इन ठेकेदारों का कहना था कि एलएंडटी के जिम्मेदार अधिकारियों ने अपने रिश्तेदारों को यहां बुलाकर सब ठेकेदार बनाकर निर्माण सामग्री के सप्लायर के रूप में काम दिया। इसके एवज में मोटी रकम कंपनी से वसूल कर ली।
एईएन के बयान पर बिहाणी का कटाक्ष
आरयूआईडीपी के एईएन बैरवा के बयान पर बिहाणी ने कटाक्ष किया। बिहाणी का कहना था बैरवा को जब पुलिस विधायक सेवा केन्द्र से लेने आई तब खुद जूते पहनकर जीप में बैठे, तब अंगूठे पर चोट नहीं थी। उस समय शरीर पर कपड़े भी फटे नहीं थे, लेकिन जमानत मिलते ही यह नौटंकी किस आधार पर की जा रही है। बिहाणी के मुताबिक जब तीनों अफसर एक साथ थे लेकिन बयानबाजी में अकेले एईएन ही सार्वजनिक क्यों हुए, बाकी कहां गए।