रियांबड़ी (नागौर): सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में गुरुवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब निशुल्क दवा वितरण काउंटर पर तैनात फार्मासिस्ट अशोक मीणा नशे की हालत में ड्यूटी पर पहुंच गया। गर्मी और बीमारियों के बीच दवा लेने पहुंचे मरीजों के बीच यह घटना सामने आते ही हालात बिगड़ गए और अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, फार्मासिस्ट ने नशे में ही दवाएं वितरित करनी शुरू कर दीं। इस दौरान उसने उपस्थिति रजिस्टर में इंद्राज करते समय प्रभारी से अभद्र व्यवहार किया और अन्य कर्मचारियों की उपस्थिति को लेकर भी हंगामा किया। मामले पर रोष व्यक्त करते हुए ग्रामीणों ने दवा वितरण कक्ष के ताला लगाकर बंद कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही व्यापार संघ अध्यक्ष गजेंद्र वैष्णव, दिनेश बडगुजर, भंवरूराम रीठाडिया सहित बड़ी संख्या में लोग अस्पताल पहुंच गए। ग्रामीणों ने नशे में दवा वितरण को गंभीर लापरवाही बताते हुए विरोध जताया और दवा काउंटर पर ताला लगा दिया।
मामले की सूचना मिलते ही तहसीलदार अशोक कुमार और बीसीएमओ डॉ. चेनाराम मौके पर पहुंचे। पुलिस चौकी से राजकुमार, नरेंद्र कुमार और मुकेश कुमार भी पहुंचे। अधिकारियों की मौजूदगी में दवा काउंटर का ताला खुलवाया गया और पुलिस ने फार्मासिस्ट को हिरासत में लेकर मेडिकल जांच शुरू कर दी।
पहले भी रह चुका है विवादों में
ग्रामीणों के अनुसार, संबंधित कार्मिक को पूर्व में भी लापरवाही और अभद्र व्यवहार के चलते यहां से हटाया गया था। इसके बावजूद मुख्य जिला चिकित्सा अधिकारी द्वारा उसे पुनः रियांबड़ी में ही नियुक्त कर दिया गया। पुनर्नियुक्ति के बाद भी उसके व्यवहार में सुधार नहीं आया, जिससे लोगों में आक्रोश है।
लापरवाही से मरीजों की सुरक्षा पर सवाल
नशे की हालत में दवा वितरण को लेकर लोगों ने स्वास्थ्य सेवाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसी घटनाएं मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ हैं। उन्होंने दोषी कार्मिक के खिलाफ सख्त कार्रवाई और अस्पताल में जिम्मेदार व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
कठोर कार्रवाई की जाएगी
ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. चेनाराम ने बताया कि हमारे द्वारा प्रयास किया जाएगा कि ऐसी स्थिति भविष्य में दोबारा नहीं हो। घटनाक्रम की जानकारी स्थानीय और जिला स्तरीय अधिकारियों को अवगत कराया गया है। हमारे द्वारा कठोर कार्रवाई की जाएगी।
यह गंभीर मामला है
उपखंड अधिकारी सूर्यकांत शर्मा ने बताया कि यह गंभीर मामला है। सूचना मिलने पर तहसीलदार को मौके पर भेजा गया, बीसीएमओ से इस बारे पूरी जानकारी ली गई। नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी।