श्रीगंगानगर। जिले में पड़ रही भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान को देखते हुए नगर परिषद ने राहगीरों, मुसाफिरों और जरूरतमंदों को राहत देने के लिए नई पहल शुरू की है। सर्दियों में संचालित रैन बसेरों की तर्ज पर अब गर्मियों में वातानुकूलित (एसी) कूलिंग सेंटर्स स्थापित करने की योजना तैयार की गई है। इन सेंटर्स में लोगों को दिन के समय दो से तीन घंटे तक निशुल्क विश्राम की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे उन्हें चिलचिलाती धूप और लू से राहत मिल सके।
नगर परिषद प्रशासन का कहना है कि इस पहल से लोगों को गर्मी के मौसम में होटल या धर्मशालाओं का सहारा लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। विशेषकर दिहाड़ी मजदूर, ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोग, प्रतियोगी परीक्षार्थी और राहगीर इस सुविधा से लाभान्वित होंगे।
पहले से चल रही थी तैयारी
हर साल श्रीगंगानगर में तापमान 48 से 49 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है, जिससे लू लगने और बेहोशी जैसी घटनाएं आम हो जाती हैं। विदित रहे कि नगर परिषद के तत्कालीन आयुक्त नयन गौतम ने डीएलबी के निर्देशों के तहत शहर में तीन स्थानों को संभावित ठहराव स्थलों के रूप में चिन्हित करने के संबंध में निर्माण शाखा के अधिकारियों से फीडबैक मांगा था। इनमें सुखाड़ियानगर स्थित कंगन पैलेस, नेहरू पार्क और पुरानी आबादी का सामुदायिक भवन शामिल थे।
इन जगहों पर बनेंगे एसी कूलिंग सेंटर
स्वायत्त शासन विभाग के निर्देशों के बाद नगर परिषद ने चार प्रमुख स्थानों पर कूलिंग सेंटर्स बनाने का प्रस्ताव तैयार कर राज्य सरकार को भेजा है। इनमें मुख्य बस स्टैंड, पदमपुर रोड स्थित कोढ़ियों वाली पुली के पास, सुखाड़िया सर्किल और सूरतगढ़ रोड स्थित मोटर मार्केट क्षेत्र शामिल हैं।
ये सुविधाएं रहेंगी मुफ्त
इन चारों स्थानों पर लोगों की आवाजाही अधिक रहती है। प्रस्ताव के अनुसार यहां एसी युक्त विश्राम कक्ष, बैठने की व्यवस्था, पीने के पानी और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। नगर परिषद का मानना है कि यदि यह प्रयोग सफल रहता है तो भविष्य में शहर के अन्य हिस्सों में भी ऐसे कूलिंग सेंटर्स विकसित किए जा सकते हैं।
अगले महीने शुरू हो सकते हैं सेंटर
नगर परिषद आयुक्त राकेश कुमार ने बताया कि डीएलबी को प्रस्ताव भेज दिया गया है और स्वीकृति मिलते ही कार्य शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि सभी प्रक्रियाएं समय पर पूरी हो जाती हैं तो अगले माह से ये कूलिंग सेंटर्स आमजन के लिए संचालित किए जा सकते हैं। इस पहल को भीषण गर्मी से राहत देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे जरूरतमंद लोगों को तेज तापमान के बीच कुछ समय के लिए सुकून भरा विश्राम मिल सकेगा।