Pink patrol van: कोटा. कोटा शहर में महिला सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए अब अत्याधुनिक तकनीक और विशेष पुलिसिंग का सहारा लिया जाएगा। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कोटा सर्किट हाउस में आयोजित निर्भया फंड की समीक्षा बैठक के दौरान शहर में लगे सीसीटीवी कैमरों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से जोड़ने के निर्देश दिए। इस पहल से अपराधियों पर निगरानी और अधिक प्रभावी होगी और उनकी पहचान व ट्रैकिंग तेजी से हो सकेगी।
बैठक में यह भी तय किया गया कि कोटा के प्रमुख इलाकों को व्यापक सीसीटीवी नेटवर्क से जोड़ा जाएगा, ताकि कोई भी अपराधी पुलिस की नजरों से बच न सके। महिलाओं की सुरक्षा और त्वरित सहायता सुनिश्चित करने के लिए दो पिंक पेट्रोलिंग वैन शुरू की जाएंगी। इसके साथ ही शहर के महत्वपूर्ण स्थानों पर पिंक बूथ स्थापित किए जाएंगे, जहां महिला पुलिसकर्मी तैनात रहेंगी और जरूरत पड़ने पर तुरंत सहायता उपलब्ध कराएंगी।
बिरला ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि महिला सुरक्षा केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के विश्वास का विषय है। उन्होंने सभी योजनाओं का समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने पर जोर दिया, ताकि महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षित और भरोसेमंद वातावरण मिल सके।
कोटा में बड़ी संख्या में आने वाली कोचिंग छात्राओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विशेष रणनीति तैयार की गई है। आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रमों को बढ़ावा देने और साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता अभियान तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही कोटा शहर के महिला थाने को मॉडल महिला थाना के रूप में विकसित करने की योजना भी बनाई गई है, जिससे संवेदनशील और प्रभावी पुलिसिंग को बढ़ावा मिलेगा।
उल्लेखनीय है कि ‘महिलाओं और बालिकाओं के लिए समावेशी शहर’ परियोजना के तहत कोटा को देश के 10 चयनित शहरों में शामिल किया गया है। इस पायलट प्रोजेक्ट के अंतर्गत प्रत्येक शहर के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके तहत पिंक ई-रिक्शा, हाई-मास्ट लाइट, एआई आधारित सीसीटीवी, महिला पुलिस गश्त, पिंक एम्बुलेंस, सुरक्षित प्रतीक्षालय, कॉल बॉक्स, महिला श्रमिकों के लिए लाउंज, किफायती आवास और पिंक टॉयलेट जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
यह पहल कोटा को महिला सुरक्षा के मामले में एक मॉडल शहर के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।