Bhilwara School Timing Changed: राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में सूर्य देव के तीखे तेवरों ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। अप्रैल महीने के अंतिम दिनों में गर्मी ने अपना प्रचंड रूप दिखाना शुरू कर दिया है, जिसके चलते जिला प्रशासन को स्कूली बच्चों की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाने पड़े हैं। शनिवार इस सीजन का सबसे गर्म दिन दर्ज किया गया, जहां पारा 41.9°C तक पहुंच गया।
भीषण गर्मी और लू (हीटवेव) के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए भीलवाड़ा जिला कलेक्टर जसमीत सिंह संधू ने स्कूलों के समय में परिवर्तन का महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। जिला शिक्षा अधिकारी से प्राप्त प्रस्ताव पर त्वरित संज्ञान लेते हुए प्रशासन ने कक्षा 1 से 8वीं तक के छात्रों के लिए राहत का एलान किया है।
बता दें कि अब कक्षा 1 से 8वीं तक के विद्यार्थियों के लिए स्कूल केवल चार घंटे ही संचालित होंगे। सोमवार, 27 अप्रैल से ये छात्र सुबह 7:30 बजे से 11:30 बजे तक ही स्कूल में रहेंगे। यह आदेश जिले के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों पर समान रूप से लागू होगा।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि कक्षा 9 से 12वीं तक के छात्रों, स्टॉफ और पूर्व निर्धारित परीक्षाओं का समय यथावत रहेगा। साथ ही आदेश का उल्लंघन करने वाले स्कूलों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
भीषण गर्मी से सड़कों पर ‘कर्फ्यू’ जैसे हालात
शनिवार को भीलवाड़ा का अधिकतम तापमान 41.9 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 24.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दोपहर के समय लू के थपेड़ों और चिलचिलाती धूप के कारण सड़कों पर आवाजाही न के बराबर रही, जिससे कर्फ्यू जैसा सन्नाटा पसरा नजर आया। गर्म हवाओं ने दोपहिया वाहन चालकों और राहगीरों को बेहाल कर दिया। लोग चेहरों पर रुमाल बांधकर और छातों का सहारा लेकर निकलते दिखे।
ठंडे पेय पदार्थों जैसे गन्ने का रस, लस्सी, छाछ और शिकंजी की दुकानों पर भारी भीड़ देखी जा रही है। लोग गर्मी से बचने के लिए घरों में दुबके रहे और कूलर-एसी अब पूरी रफ्तार पकड़ चुके हैं।
चिकित्सकों की सलाह: सतर्कता ही बचाव
मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में गर्मी के तेवर और अधिक तल्ख हो सकते हैं। चिकित्सकों ने आमजन को सलाह दी है कि दोपहर के समय अनावश्यक बाहर निकलने से बचें। भरपूर मात्रा में पानी पिएं और शरीर में तरल पदार्थों की कमी न होने दें। धूप में निकलते समय सिर को सूती कपड़े से ढककर रखें।
बुजुर्गों और बच्चों की सेहत का विशेष ध्यान रखें, क्योंकि वे हीटस्ट्रोक के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं। प्रशासन की इस मुस्तैदी और ‘राजस्थान पत्रिका’ की खबर के असर से अभिभावकों ने राहत की सांस ली है। क्योंकि दोपहर की झुलसाने वाली गर्मी में छोटे बच्चों का स्कूल से लौटना जोखिम भरा साबित हो रहा था।
दस दिन में पारे के हाल
तारीखअधिकतम तापमान (°C)न्यूनतम तापमान (°C)16 अप्रैल40.422.517 अप्रैल39.223.818 अप्रैल40.619.619 अप्रैल39.622.420 अप्रैल39.619.721 अप्रैल40.422.222 अप्रैल40.016.023 अप्रैल40.217.224 अप्रैल39.922.125 अप्रैल41.924.4