दौसा। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत करीब 24 करोड़ 27 लाख रुपए की लागत से बांदीकुई जंक्शन का कायाकल्प किया जा रहा है, जिसका कार्य अंतिम चरण में पहुंच गया है। इससे मेहंदीपुर बालाजी सहित आसपास के धार्मिक व पर्यटन स्थलों पर जाने वाले श्रद्धालुओं और अन्य यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
जानकारी के अनुसार साल 1874 में स्थापित बांदीकुई जंक्शन प्रदेश के प्रमुख रेलवे स्टेशनों में शामिल है। यहां से प्रतिदिन करीब 16 हजार यात्री आवागमन करते हैं। इस रेलवे स्टेशन से रोजाना 100 से अधिक ट्रेनें गुजरती हैं, वहीं करीब 80 ट्रेनों का ठहराव होता है।
बांदीकुई जंक्शन का नया फुट ओवरब्रिज (फोटो-पत्रिका)
12 मीटर चौड़ा बनाया गया फुट ओवरब्रिज
उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन ने बताया कि बांदीकुई रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास के तहत आधुनिक सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है। स्टेशन के दोनों छोरों को जोड़ने के लिए 12 मीटर चौड़ा फुट ओवरब्रिज बनाया गया है, जिससे यात्रियों को एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म तक जाने में सुविधा मिल रही है।
रेलवे स्टेशन का प्रवेश द्वार पूरी तरह से बदला
बांदीकुई रेलवे स्टेशन के प्रवेश द्वार को स्थानीय कला एवं संस्कृति के अनुरूप आकर्षक रूप दिया गया है। इसके अलावा चौड़े व रोशनीयुक्त बरामदे, बेहतर सर्कुलेटिंग एरिया और सुव्यवस्थित यातायात व्यवस्था विकसित की गई है, जिससे जाम और अव्यवस्था से राहत मिलेगी।
आधुनिक डिस्प्ले बोर्ड लगाए
स्टेशन परिसर में दोपहिया व चारपहिया वाहनों के लिए अलग-अलग पार्किंग, बेहतर जल निकासी व्यवस्था और उन्नत यात्री सूचना प्रणाली विकसित की जा रही है। इसके अलावा आधुनिक डिस्प्ले बोर्ड, कोच इंडिकेशन सिस्टम और जीपीएस आधारित घड़ियां लगाई जा रही हैं। साथ ही बुकिंग कार्यालय का आधुनिकीकरण, टिकट वेंडिंग मशीन और वातानुकूलित प्रतीक्षालय की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।
दिव्यांगजनों के लिए विशेष सुविधा
स्टेशन को दिव्यांगजन अनुकूल बनाने के लिए रैंप, आरक्षित पार्किंग, कम ऊंचाई वाले काउंटर, विशेष शौचालय, स्पर्श मार्ग और ब्रेल साइनेज जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं। यात्रियों की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरों का उन्नयन, सहायता बूथ और विस्तारित सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली भी स्थापित की जा रही है।