श्रीगंगानगर: ‘ईरान की सेना ने फायरिंग शुरू कर दी है, हम सब अपनी जान बचाने के लिए जहाज में छिप गए हैं’ ये आखिरी शब्द थे रिद्धि-सिद्धि कॉलोनी-7 निवासी 38 वर्षीय वाइस कैप्टन संजय माहर के। जो उन्होंने अपने परिवार से संपर्क टूटने से पहले कहे।
इसके बाद से जहाज का कम्युनिकेशन सिस्टम पूरी तरह बंद हो गया और परिवार का संपर्क भी टूट गया। मर्चेंट नेवी में तैनात इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड (आईआरजीसी) की हिरासत में बताए जा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, दुबई से भारत आ रहे लाइबेरियाई ध्वज वाले कंटेनर शिप ‘एपामिनोडेस’ को होर्मुज स्ट्रेट ईरानी बलों फायरिंग कर अपने कब्जे में ले लिया। जहाज पर सवार 21 क्रू मेंबर्स में संजय इकलौते भारतीय हैं।
माहर की पत्नी रेखा ने सरकार से गुहार लगाते हुए कहा कि उनके पति को सुरक्षित वापस लाया जाए, बच्चे उनका इंतजार कर रहे हैं। परिवार ने केंद्र सरकार से सभी क्रू मेंबर्स की सुरक्षित रिहाई की मांग की है।
मुंद्रा पोर्ट आ रहा था जहाज
संजय माहर जिस जहाज पर तैनात थे, वह गुजरात के मुंद्रा पोर्ट की ओर आ रहा था। करीब 20 दिन पहले संजय दुबई गए थे और चार दिन पहले ही जहाज के साथ भारत के लिए रवाना हुए थे। जहाज को गुरुवार तक मुंद्रा पहुंचना था, लेकिन होर्मुज स्ट्रेट में अनुमति नहीं मिलने से यह बीच रास्ते में ही रुक गया। इसी दौरान ईरानी बलों ने घेराबंदी कर ली।
फिलीपींस, यूक्रेन और श्रीलंका के भी नागरिक
परिजनों के अनुसार, जहाज पर भारत के अलावा फिलीपींस, यूक्रेन और श्रीलंका के नागरिक भी सवार हैं। संजय ने घटना से पहले जहाज के अंदर का एक वीडियो भी भेजा था, जिसमें क्रू मेंबर्स डरे और चिंतित नजर आ रहे थे। फिलहाल, इंटरनेट सेवाएं बंद होने से संपर्क पूरी तरह टूट चुका है, जिससे परिवार की चिंता लगातार बढ़ रही है।
‘सिटिंग डक’ बना जहाज, फिर हुई फायरिंग
संजय के भाई कृष्णा एन्केलव कॉलोनी निवासी सुभाष माहर ने जिला कलक्टर को भी लिखित ज्ञापन देकर इस मामले में केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है। माहर के अनुसार, जहाज पिछले सप्ताह होर्मुज स्ट्रेट पार करने की अनुमति का इंतजार कर रहा था।
खुले समुद्र में खड़ा जहाज एक आसान निशाने की तरह था। जैसे ही जहाज आगे बढ़ा, ईरानी नौसेना ने उसे चारों ओर से घेर लिया और फायरिंग शुरू कर दी। स्थिति बिगड़ते देख सभी क्रू मेंबर्स जान बचाने के लिए जहाज के सुरक्षित केबिन में छिप गए।
विधायक ने पीएम-सीएम को लिखा पत्र
घटना के बाद क्षेत्र के विधायक जयदीप बिहाणी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखकर मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। साथ ही उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए ईरान सरकार से तत्काल संवाद स्थापित कर क्रू मेंबर्स की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है।