राजस्थान की राजधानी जयपुर आज कांग्रेस और भाजपा के बीच ‘नारी शक्ति’ के दावों की जंग का केंद्र बन गई। अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सत्ताधारी दल के खिलाफ आरोपों की झड़ी लगा दी। लांबा ने भाजपा के ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को महिलाओं के साथ एक ‘भद्दा मजाक’ बताते हुए कहा कि भाजपा की मंशा महिलाओं को हक देने की नहीं, बल्कि जनगणना और परिसीमन के नाम पर उन्हें दशकों तक इंतजार कराने की है।
‘हमें तत्काल चाहिए 180 सीटें, परिसीमन का बहाना नहीं‘
अलका लांबा ने संसद में हुए घटनाक्रम की व्याख्या करते हुए भाजपा के दावों की हवा निकाल दी। उन्होंने कहा:
विपक्ष ने बिल नहीं गिराया: लांबा ने स्पष्ट किया कि विपक्ष ने महिला आरक्षण बिल को नहीं, बल्कि उसके साथ चिपकाए गए ‘परिसीमन बिल’ की चालबाजी को नाकाम किया है।
तत्काल आरक्षण की मांग: “लोकसभा में अभी 543 सीटें हैं। भाजपा की नीयत साफ है तो जनगणना का इंतजार क्यों? इसी वक्त 33 फीसदी के हिसाब से 180 सीटें महिलाओं के लिए रिजर्व की जाएं।”
चुनावी स्टंट का आरोप: लांबा ने आरोप लगाया कि भाजपा केवल तमिलनाडु और बंगाल जैसे राज्यों में चुनाव जीतने के लिए महिलाओं के नाम का इस्तेमाल कर रही है।
‘एप्सटीन फाइल’ का जिक्र, भाजपा पर सीधा हमला
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अलका लांबा ने एक तस्वीर दिखाते हुए आरोप लगाया। उन्होंने ‘एप्सटीन फाइल’ का जिक्र करते हुए दावा किया कि इसमें भाजपा के एक बड़े नेता का नाम शामिल है। लांबा ने तंज कसते हुए पूछा, “जिनके नेताओं के नाम ऐसी फाइलों में आ रहे हैं, क्या वो नारी शक्ति का वंदन करेंगे? यह पार्टी बुनियादी तौर पर महिला विरोधी है।”
राजस्थान की सड़कों पर ‘पुतला दहन’ और आक्रोश
जयपुर में सोमवार को भाजपा की पदयात्रा के जवाब में लांबा ने कहा कि राजस्थान की महिलाएं भाजपा की ‘डबल इंजन’ सरकार की असलियत समझ चुकी हैं। कांग्रेस महिला कार्यकर्ताओं ने भाजपा के पुतले फूंक कर यह संदेश दिया है कि राजस्थान अब इस धोखे को बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि जब तक 2023 में पारित विधेयक को बिना शर्तों के लागू नहीं किया जाता, तब तक कांग्रेस का संघर्ष सड़कों से संसद तक जारी रहेगा।
डबल इंजन सरकार पर प्रहार, ‘महिला सुरक्षा में विफल’
लांबा ने राजस्थान की वर्तमान कानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एक तरफ भाजपा ‘जन आक्रोश’ के नाम पर ढोंग कर रही है, वहीं दूसरी तरफ प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़ रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि यह सरकार केवल दिल्ली के इशारे पर इवेंट मैनेजमेंट कर रही है, धरातल पर महिलाओं के लिए कुछ नहीं हुआ।