पॉश कॉलोनी में जनसुविधाओं का भी रहता है टोटा, आवारा श्वानों की समस्या भी बढ़ी

जैसलमेर शहर में मीटिंग कार्यक्रम के अंतर्गत राजस्थान पत्रिका ने शुक्रवार को जैसलमेर के पॉश मानी जाने वाली जयनारायण व्यास कॉलोनी क्षेत्र में विविध वर्गों के लोगों से चर्चा की। इस दौरान क्षेत्रवासियों ने रोष जताया कि शहर के इस मुख्य क्षेत्र की जनसमस्याओं की तरफ संबंधित विभागीय अधिकारियों का यथोचित ध्यान नहीं जा रहा है। कॉलोनी क्षेत्र में सबसे बड़ी समस्या सुचारू विद्युत आपूर्ति से जुड़ी हुई है। यहां कई-कई घंटों तक बिजली की किसी न किसी कारणवश अघोषित कटौती पिछले कई वर्षों से आम समस्या बन चुकी है। विशेषकर गर्मी के सीजन में यह समस्या आमजन की तकलीफ बन चुकी है। इसके अलावा कॉलोनी और आसपास के क्षेत्रों में पेयजल की समस्या भी बनी रहती है। क्षेत्र में साफ-सफाई व्यवस्था भी एक समान नहीं है। कहीं पर यह संतोषजनक है तो कहीं पर व्यवस्था में छ्रिद्र साफ नजर आते हैं। विशेषकर सडक़ों पर जमा धूल कई जगहों पर इतनी मात्रा में है कि ग्रामीण इलाका होने का आभास होता है। क्षेत्र में कुछ स्थानों पर सडक़ों की हालत भी खस्ता है। नालियों की टूट-फूट भी समस्या बनी हुई है।

श्वानों की सच्च्छंदता बनी परेशानी

मीटिंग में शामिल लोगों ने बताया कि व्यास कॉलोनी के कई हिस्सों में बीते समय के दौरान आवारा श्वानों की समस्या बढ़ गई है। विशेषकर रात के समय वे आवाजाही करने वाले दुपहिया वाहनों के पीछे दौड़ कर लोगों को संकट में डाल देते हैं। इसके अलावा स्वच्छंद घूमता पशुधन भी परेशानी का सबब है। क्षेत्र में जगह-जगह निर्माण कार्य चल रहे हैं। उनका मलबा और निर्माण सामग्री आम रास्तों का बड़ा हिस्सा रोक लेते हैं। जिससे मार्ग संकरे हो जाते हैं।

रात्रि प्रकाश व्यवस्था अधूरी

इस अवसर पर बताया गया कि क्षेत्र में रात्रि प्रकाश व्यवस्था अनियमित बनी हुई है। कहीं पर जहां पर्याप्त लाइट्स का इंतजाम है तो अनेक स्थानों पर रात में अंधेरा छाया रहता है। इसके अलावा कई बार लाइट्स के तकनीकी कारणों से बंद होने के चलते घुप अंधेरे की भी समस्या उपस्थित हो जाती है। जगह-जगह रोड लाइट्स फ्यूज भी पड़ी है। मॉनिटरिंग के अभाव में यह अव्यवस्था का रूप धारण कर लेती है।

ये रहे उपस्थित

मोहल्ला मीटिंग में हरिओम व्यास, आदित्य आचार्य, सुधांशु कल्ला, जयेश बिस्सा, मधुरम व्यास, अनुराग आचार्य, अंकुर थानवी, विश्वजीत व्यास, पंकज कुमार, माधवेंद्र आदि ने भाग लिया और समस्याओं से अवगत करवाया।