LPG Crisis : भरतपुर में शादी-ब्याह जैसे खुशियों के मौसम में इस बार एक अनदेखा संकट लोगों की खुशियों पर भारी पड़ रहा है। गैस सिलेंडरों की कमी ने हालात ऐसे बना दिए हैं कि जहां घरों में शहनाइयां गूंजनी थीं, वहां अब चिंता और असमंजस का माहौल है। आलम यह है कि दावत में बुलाने वाले मेहमानों की सूची ही आधी की जा रही है। रसद विभाग सिलेंडर दिलाने का दावा कर रहा है और शादी कार्ड आने पर एजेंसियों को सिलेंडर देने के निर्देश भी दे रहा है, लेकिन सिलेंडरों की आवक नहीं होने से शादी वाले परिवारों को भी सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं।
गांवों में शादी के लिए दो और शहरों में तीन कमर्शियल सिलेंडर देने का प्रावधान है, लेकिन यह व्यवस्था फिलहाल केवल कागजों तक सीमित नजर आ रही है। जमीनी स्तर पर हालात यह हैं कि गैस एजेंसियों पर पहुंचने के बावजूद शादी वाले परिवारों को सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं। शादी में सबसे अहम व्यवस्था भोजन की होती है, लेकिन सिलेंडरों की कमी ने इसे ही सबसे बड़ी चुनौती बना दिया है।
आमतौर पर एक शादी में 10 से 15 घरेलू और 8 से 10 कमर्शियल सिलेंडरों की जरूरत होती है, लेकिन मौजूदा हालात में आधे सिलेंडर भी जुटाना मुश्किल हो रहा है। परिणाम यह है कि लोगों को अपने ही मेहमानों की सूची काटनी पड़ रही है, जहां पहले 1000 लोगों को न्योता देने की योजना थी, अब उसे घटाकर 400-500 तक समेटा जा रहा है। कई परिवारों ने तो रिश्तेदारों और परिचितों के बीच भी प्राथमिकता तय करनी शुरू कर दी है।
खुशी के बीच चिंता का माहौल
एक अभिभावक की पीड़ा इस संकट की गंभीरता को बयां करती है ‘बेटी की शादी है, जिंदगी का सबसे बड़ा मौका है, लेकिन इस बार हर खुशी के पीछे चिंता खड़ी है। खाना कैसे बनेगा, मेहमानों को कैसे संभालेंगे, यही सोचकर रातों की नींद उड़ गई है। हम जिनके यहां शादी में दावत में गए, उन्हें बुलाना जरूरी है, लेकिन बढ़ती मेहमानों की संख्या के बीच सिलेंडर लेना चुनौती बन गया है।
एजेंसियां भी बेबस
गैस एजेंसी संचालकों का कहना है कि उनके पास मांग के मुकाबले पर्याप्त सप्लाई नहीं आ रही। ऐसे में वे चाहकर भी लोगों को सिलेंडर उपलब्ध नहीं करा पा रहे हैं। रोजाना दर्जनों लोग एजेंसी पर पहुंच रहे हैं, लेकिन खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। शुक्रवार तक स्टॉक की बात करें तो गैस एजेंसियों के पास घरेलू सिलेंडर महज 3689 का रहा, जबकि व्यावसायिक सिलेंडर महज 475 ही बचे थे। इसके उलट रसद विभाग में जिलेभर से 313 शादी कार्ड शुक्रवार तक पहुंचे। इनमें से विभाग ने 784 सिलेंडर लोगों को देने के निर्देश दिए, लेकिन स्टॉक नहीं होने के कारण एजेंसियों ने भी हाथ खड़े कर दिए।
वैश्विक असर, स्थानीय परेशानी
विशेषज्ञों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बन रहे तनावपूर्ण हालात खासतौर पर अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते विवाद का असर गैस सप्लाई चेन पर पड़ रहा है। इसके चलते देश में आपूर्ति प्रभावित हो रही है और इसका सीधा असर आम लोगों के जीवन पर दिखने लगा है। शादी का सीजन अपने चरम पर है और ऐसे में गैस संकट ने लोगों की तैयारियों को अस्त-व्यस्त कर दिया है। आमजन की मांग है कि प्रशासन तत्काल हस्तक्षेप कर सप्लाई को सुचारू बनाए, ताकि खुशियों के इस मौके पर किसी को मजबूरी में अपने अरमानों से समझौता न करना पड़े। सिलेंडरों के टोटे को देखते हुए लोग भट्टी और लकड़ी के इंतजाम में जुटे नजर आ रहे हैं।
अप्रेल में शादियों की धूम
अक्षय तृतीया का सावा सबसे बड़ा है। इस अबूझ सावे पर डीग-भरतपुर में करीब 500 शादियां हैं। वहीं पूरे अप्रेल माह की बात करें तो करीब 700-800 शादियां इस माह हैं।
शादियों के शुभ मुहूर्त
अप्रेल माह : 15, 20, 21, 25 एवं 29।
मई माह : 1, 3, 8, 12, 13, 14।
जून माह : 19 से 29।
जुलाई : 1, 2, 6, 7, 8, 11 एवं 12।
नवम्बर माह : 20, 21, 24, 25, 26 एवं 26 से 30।
दिसम्बर माह : 1 से 6 एवं 6 से 9 लगातार तथा 11 एवं 12।
लाइव रिपोर्ट : कहीं दूल्हा लाइन में तो कहीं बेटी का पिता
कोई बेटी की शादी के लिए रसद विभाग और एजेंसी के चक्कर काट रहा है तो कोई 40 डिग्री पार तपिश में घंटों लाइन में खड़ा पसीना बहा रहा है। शादी वाले घरों में जहां खुशियों की तैयारी होनी चाहिए, वहां सिलेंडर की चिंता ने सुकून छीन लिया है। शुक्रवार को एक गैस एजेंसी पर हालात ऐसे दिखे कि कहीं दूल्हा खुद लाइन में खड़ा था, तो कहीं बेटी का पिता बेबसी लिए अपनी बारी का इंतजार करता नजर आया।
अड़ोस-पड़ोस से इंतजाम की कोशिश में हूं
बहन कल्पना की शादी 25 अप्रेल को है। हलवाई ने 12 सिलेंडर की जरूरत बताई है। चार दिन से चक्कर लगा रहा हूं। हर बार खाली हाथ लौटना पड़ता है। कभी एजेंसी बंद मिलती है तो कभी नंबर नहीं आता। अड़ोस-पड़ोस से इंतजाम की कोशिश में हूं।
नरेश कुमार पुत्र दामोदर निवासी मलाह
ब्लैक में सिलेंडर लेकर काम चलाया
भाई सुरेश की शादी है। शुक्रवार को लगन-सगाई थी, लेकिन उस बीच भी लाइन में लगना पड़ा। शुक्रवार को ही प्रीतिभोज था, सिलेंडर की चिंता अलग। विभाग की योजना की जानकारी नहीं थी। मजबूरी में ब्लैक में सिलेंडर लेकर काम चलाया। अब 21 तारीख को बारात जाएगी, बस किसी तरह इंतजाम हो जाए।
संजू पुत्र गिर्राज, अनाह गेट
दूल्हा दीपक पुत्र हुकम सिंह निवासी कमलपुरा शहर। फोटो पत्रिका
25 अप्रेल को मेरी खुद की शादी है
25 अप्रेल को मेरी खुद की शादी है। तीन कॉमर्शियल सिलेंडर मिले हैं, आठ और चाहिए। सुबह 8 बजे से लाइन में लगा हूं, डेढ़ बजे तक सिर्फ एक रसीद कट पाई है। सिलेंडर लेने के लिए फिर लाइन में खड़ा हूं। शादी की खुशी से ज्यादा चिंता इंतजाम की हो रही है।
दूल्हा दीपक पुत्र हुकम सिंह निवासी कमलपुरा शहर
बनवारीलाल शर्मा पुत्र रतिराम शमा, पीरनगर। फोटो पत्रिका
तीन सिलेंडर की रसीद कटवाई
बेटी युक्ता शर्मा की 19 अप्रेल को शादी है। दस दिन से रसद विभाग और एजेंसियों के चक्कर लगा रहा हूं। तीन सिलेंडर की रसीद कटवाई है, बाकी का इंतजाम रिश्तेदारों से करना पड़ रहा है। शादी सिर पर है, लेकिन तैयारियां पूरी नहीं हो पा रहीं। अन्य तैयारियां भी नहीं कर पा रहा। बनवारीलाल शर्मा पुत्र रतिराम शमा, पीरनगर