जयपुर। केंद्र सरकार की ओर से प्रस्तावित ‘नारी शक्ति वंदन संशोधन अधिनियम’ को लेकर देशभर में उत्साह का माहौल है। जयपुर भी इससे अछूता नहीं रहा। महिलाओं को राजनीति में 33 प्रतिशत आरक्षण देने वाले इस ऐतिहासिक कदम के समर्थन में गुलाबी नगरी की सड़कों पर जोश और जागरूकता की अनोखी तस्वीर देखने को मिली। जयपुर में सोमवार को ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के समर्थन में महिलाओं ने स्कूटी और बाइक रैली निकालकर अपनी एकजुटता और उत्साह का परिचय दिया। यह रैली विद्याश्रम स्कूल, जे.एल.एन. मार्ग से शुरू होकर टोंक रोड होते हुए अमर जवान ज्योति पर संपन्न हुई। रैली के दौरान महिलाओं ने हाथों में तख्तियां और नारों के जरिए महिला सशक्तिकरण का संदेश दिया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया।
रैली में शामिल महिलाओं का कहना था कि यह अधिनियम महिलाओं को न केवल राजनीति में मजबूत भागीदारी देगा, बल्कि समाज में उनकी भूमिका को भी और अधिक प्रभावशाली बनाएगा। उनका मानना है कि इससे आने वाले समय में निर्णय लेने वाली संस्थाओं में महिलाओं की आवाज और प्रभाव दोनों बढ़ेंगे।
सामाजिक न्याय और समानता की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम
इसी क्रम में केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, जयपुर परिसर में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023’ विषय पर एक संगोष्ठी और जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया। कार्यक्रम में ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से सहभागिता रही। मुख्य अतिथि हिमाचल नेशनल विधि विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. प्रीति सक्सेना ने कहा कि यह अधिनियम केवल कानूनी पहल नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और समानता की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।
विशिष्ट अतिथि प्रो. लीना सक्करवाल ने महिलाओं को मुख्यधारा से जोड़ने में समावेशी शिक्षा की भूमिका पर जोर दिया। वहीं, कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रभारी निदेशक प्रो. श्रीधर मिश्र ने कहा कि समाज के समग्र विकास के लिए महिलाओं और पुरुषों की समान भागीदारी अनिवार्य है।
कार्यक्रम के तहत पोस्टर प्रतियोगिता, पत्र वाचन और छात्र परिचर्चा जैसे रचनात्मक आयोजनों ने भी विषय को लेकर जागरूकता बढ़ाई। जयपुर में दिखा यह उत्साह साफ संकेत देता है कि ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ अब जनआंदोलन का रूप लेता जा रहा है।