Solar Eclipse : वर्ष-2025 का आखिरी ग्रहण खंडग्रास सूर्यग्रहण के रूप में रविवार को दिखाई देगा। यह भारतीय समयानुसार रात 11 बजे से शुरू होकर सोमवार तड़के 3:24 बजे तक रहेगा। ज्योतिषविदों के अनुसार इस ग्रहण का भारत में कोई असर नहीं होगा और न ही कोई सूतककाल मान्य रहेगा। यह ग्रहण न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया के पूर्वी दक्षिणी भाग, सिडनी, तस्मानिया, होबार्ट तथा अटलांटिक और पैसिफिक महासागर में ही देखा जा सकेगा। ग्रहण पूरा नहीं होगा, केवल इसका एक भाग ही चमकीला दिखाई देगा।
हर साल लगते हैं दो चंद्रग्रहण और दो सूर्यग्रहण
बिड़ला तारामंडल के पूर्व सहायक निदेशक संदीप भट्टाचार्य ने बताया कि हर साल कम से कम चार ग्रहण होते है, दो चंद्रग्रहण और दो सूर्यग्रहण। रविवार का यह ग्रहण सारोस 154 परिवार का सातवां ग्रहण है। इस चक में हर 18 साल 11 दिन और 8 घंटे के बाद ग्रहण लगभग उसी स्थिति में दोहराता है।
देश में ग्रहण नजर नहीं आएगा
ज्योतिषाचार्य पं. दामोदर प्रसाद शर्मा ने बताया कि सूर्यग्रहण का प्रभाव न होने के कारण भारत में धार्मिक गतिविधियां सामान्य रूप से चलेगी। बद्ध और तर्पण करना उचित होगा। देश में ग्रहण नजर नहीं आएगा, लेकिन विश्व के कुछ हिस्सों में प्राकृतिक आपदाओं की संभावना अधिक हो सकती है।