सीएचसी में चिकित्सकों का टोटा, काफी देर कतार में लगे रहना मरीजों की बनी मजबूरी

मालाखेड़ा. बदलते मौसम के साथ ही मौसमी बीमारियों ने भी पैर पसारना तेज कर दिया है। इसके चलते रोगियों की सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मालाखेड़ा में प्रत्येक खिड़की पर इन दिनों बड़ी संख्या में मरीजों की कतार लगी रहती है।जिन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मंगलवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मालाखेड़ा के दो चिकित्सक अन्य सरकारी कामकाज में चले जाने के कारण आउटडोर में महिला-पुरुषों की लंबी कतार लग गई। जहां रोगियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

इसकी सूचना ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी को दी गई। खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारी लोकेश मीणा ने अवकाश पर गए डॉक्टर को ड्यूटी पर बुलाया। रात्रि में ड्यूटी देने के बाद ऑफ कर घर जा रही महिला चिकित्सक को भी आउटडोर में ही सेवा देने के लिए रोका। उसके बाद में ही लोगों को दिखाने की व्यवस्था सुचारू रूप से शुरू हुई। इन दिनों मालाखेड़ा क्षेत्र में हेपेटाइटिस और डेंगू के रोगी अधिक आ रहे हैं, जिसके चलते बीमार हो रहे मरीज उपचार करवाने के लिए मालाखेड़ा पहुंच रहे हैं।

हो रही परेशानी

मालाखेड़ा अस्पताल में चिकित्सकों के पद रिक्त होने के कारण रोगियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। अस्पताल में कई चिकित्सकों के पद रिक्त है। जिसके चलते डे ऑफ, सरकारी कामकाज, व एविडेंस में जाने के दौरान अस्पताल में परेशानी हो जाती है। चिकित्सक नियुक्त करने के लिए विभाग को पत्र लिखा गया है। मालाखेड़ा अस्पताल में रोग उपचार करवाने आए कलसाड़ा, बीजवाड़, मालाखेड़ा, सुमेल, मूंडिया, जमालपुर, मिर्जापुर, बरखेड़ा, के रोगियों ने बताया कि दो चिकित्सक एक कक्ष में बैठ जाते हैं। जिसके चलते मारामारी और भीड़ रहती है। कमरों की कमी है, लेकिन सबको अलग-अलग बैठना चाहिए। जिससे भीड़ में ज्यादा देर परेशान नहीं होना पड़े।

विभाग को पत्र लिखा है

मामले में ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी लोकेश मीणा का कहना है कि अस्पताल में कई चिकित्सकों के पद रिक्त है। जिसके चलते डे ऑफ, सरकारी कामकाज, व एविडेंस में जाने के दौरान परेशानी हो जाती है। चिकित्सक नियुक्त करने के लिए विभाग को पत्र लिखा गया है।

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