Rural Water Supply: जयपुर. राजस्थान सरकार गर्मी के मौसम में ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध और नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए लगातार सख्त कदम उठा रही है। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) द्वारा शनिवार को प्रदेशभर में पांचवां राज्य स्तरीय विशेष अभियान चलाया गया। इस अभियान के दौरान अवैध जल कनेक्शनों और जल चोरी के मामलों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 1140 अवैध जल कनेक्शन हटाए गए।
राज्यभर में गठित 519 विशेष टीमों ने गांव-गांव पहुंचकर पेयजल स्रोतों, पाइपलाइन नेटवर्क और जलापूर्ति व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। अभियान का मुख्य उद्देश्य गर्मी के मौसम में ग्रामीण क्षेत्रों में पर्याप्त और सुचारु पेयजल उपलब्ध कराना है। विभाग ने स्पष्ट किया कि यह विशेष अभियान आगामी 30 जून तक प्रत्येक शनिवार को पूरे प्रदेश में जारी रहेगा।
सख्त कार्रवाई करते हुए करीब 86.58 लाख रुपए की पेनल्टी
अभियान के दौरान कई ऐसे अवैध कनेक्शन सामने आए जिनके माध्यम से होटल, खेतों और अन्य निजी कार्यों में पेयजल का गलत उपयोग किया जा रहा था। विभाग ने इन मामलों में सख्त कार्रवाई करते हुए करीब 86.58 लाख रुपए की पेनल्टी लगाई है। साथ ही जल चोरी और अवैध जल उपयोग के मामलों में 18 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जल चोरी के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
पेयजल व्यवस्थाओं को मजबूत बनाने के लिए तकनीकी सुधार कार्य भी तेजी से किए गए। अभियान के दौरान खराब पड़े 732 हैंडपंपों की मरम्मत कर उन्हें दोबारा चालू किया गया। इसके अलावा 398 पाइपलाइन लीकेज को ठीक कर जलापूर्ति व्यवस्था को मजबूत बनाया गया। विभागीय टीमों ने 1275 अन्य पेयजल सुधार कार्य भी पूरे किए, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में जल संकट कम करने में मदद मिली।
कुल 3427 शिकायतों का मौके पर ही किया समाधान
विभाग की तकनीकी टीमों ने सक्रियता दिखाते हुए कुल 3427 शिकायतों का मौके पर ही समाधान किया। शिकायतों के त्वरित निस्तारण से ग्रामीणों में संतोष का माहौल देखने को मिला। ग्रामीणों ने विभाग की कार्रवाई और त्वरित समाधान व्यवस्था की सराहना की।
जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग का कहना है कि राज्य सरकार का लक्ष्य गर्मी के मौसम में हर गांव तक पर्याप्त, नियमित और निर्बाध पेयजल पहुंचाना है। विभाग द्वारा चलाया जा रहा यह विशेष अभियान न केवल जल चोरी रोकने में प्रभावी साबित हो रहा है, बल्कि ग्रामीण जलापूर्ति व्यवस्था को भी मजबूत बना रहा है। आने वाले दिनों में भी प्रदेशभर में इसी तरह की सख्त कार्रवाई और निरीक्षण अभियान जारी रहेंगे।