Rajasthan: शिक्षा विभाग में वेतन गड़बड़ी पर बड़ा एक्शन, 2.94 लाख कार्मिकों के वेतन की फिर होगी जांच

Salary Fixation Recheck: शिक्षा विभाग में वर्षों से हुए वेतन निर्धारण अब दोबारा जांच के दायरे में आ गए हैं। पुनरीक्षित वेतन, पदोन्नति, चयनित वेतनमान, एसीपी और एमएसीपी के तहत किए गए वेतन निर्धारणों में अनियमितताओं की आशंका के बाद वित्त विभाग ने व्यापक पुनः परीक्षण के निर्देश दिए हैं। इसके तहत अब विभाग में कार्यरत सभी कार्मिकों के वेतन निर्धारणों की सेवा अभिलेखों के आधार पर दोबारा जांच होगी।

माध्यमिक शिक्षा निदेशक बीकानेर ने सभी संभागीय संयुक्त निदेशकों और जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी कर अधीनस्थ कार्यालयों में 4 सदस्यीय कमेटियां गठित करने को कहा है। ये कमेटियां वेतन निर्धारणों की नियमानुसार जांच करेंगी।

अधिक भुगतान की आशंका के बाद कार्रवाई

वित्त विभाग के संज्ञान में आया है कि कुछ कार्मिकों के वेतन निर्धारण नियमानुसार नहीं किए गए, जिसके कारण अधिक भुगतान होने की स्थिति बनी। इसी के मद्देनजर विभाग ने समय-समय पर हुए सभी वेतन निर्धारणों की पुनः जांच कराने का निर्णय लिया है। विशेष बात यह है कि इस बार जांच कमेटी की जवाबदेही भी तय की गई है।

यदि पुनः जांच के बाद भी भविष्य में किसी प्रकार की त्रुटि सामने आती है, तो संबंधित कमेटी के सदस्यों से अधिक भुगतान की वसूली की जा सकेगी। साथ ही उनके खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।

जुलाई के वेतन बिल से पहले देना होगा प्रमाणपत्र

जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने स्तर पर चार सदस्यीय कमेटियों का गठन करें और जुलाई माह के वेतन बिलों के साथ आहरण एवं वितरण अधिकारियों से प्रमाणपत्र प्राप्त करें। इसमें यह प्रमाणित करना होगा कि संबंधित कार्मिकों के वेतन निर्धारणों की पुनः जांच कर ली गई है तथा वे नियमानुसार सही पाए गए हैं। इसके बाद ही जुलाई के वेतन आहरित किए जाएंगे।

कमेटी में यह होंगे शामिल

संभागीय संयुक्त निदेशक कार्यालयों में सहायक निदेशक, जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालयों में अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी तथा ब्लॉक कार्यालयों में अतिरिक्त मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कमेटी के अध्यक्ष होंगे। लेखा सदस्य के रूप में वरिष्ठ लेखाधिकारी, लेखाधिकारी, सहायक लेखाधिकारी प्रथम, सहायक लेखाधिकारी द्वितीय अथवा कनिष्ठ लेखाधिकारी को शामिल किया जाएगा।

संबंधित कार्यालय का संस्थापन प्रभारी लिपिक सदस्य सचिव रहेगा, जबकि चौथे सदस्य के रूप में कार्य की आवश्यकता अनुसार कार्मिक को शामिल किया जाएगा। विभाग ने सभी कमेटियों को 10 जुलाई तक जांच कार्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं।