कठूमर. जिला प्रशासन के नवाचार समाधान शिविर का कठूमर पंचायत समिति मुख्यालय पर शुभारंभ हुआ। कलक्टर आर्तिका शुक्ला भी वहां पहुंची। महिला फरियादियों से हाथ मिलाया और उनको विभिन्न योजनाओं के चेक वितरित किए। उन्होंने कहा कि जिले के प्रत्येक ब्लॉक मुख्यालय पर 21 अगस्त तक समाधान शिविरों का आयोजन होगा, जिसमें केंद्र सरकार की 11 जनकल्याणकारी योजनाओं व राज्य सरकार की मुख्यमंत्री फ्लैगशिप योजनाओं का शत-प्रतिशत सैचुरेशन किया जाएगा। उन्होंने फरियादियों से संवाद कर फीडबैक लिया। सीईओ जिला परिषद सालुखे गौरव रविंद्र ने भी लोगों से संवाद किया।उपखण्ड अधिकारी श्याम सुन्दर चेतीवाल ने बताया कि समाधान शिविर से पूर्व गतिविधियों के तहत गूगल फॉर्म के जरिए लोगों ने आवेदन किए गए थे। शिविर में मौके पर ही सरकारी योजनाओं के पात्र व्यक्तियों को प्रमाण-पत्र व स्वीकृति आदेश आदि जारी किए गए। अब तक हर घर योजना के तहत कठूमर क्षेत्र में 234 पेयजल कनेक्शनों का कार्य प्रगतिरत है। इसी प्रकार प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत 56 आवासों का निर्माण कार्य चल रहा है। 146 शौचालय स्वीकृत हैं। कई अन्य योजनाओं के लाभ जनता को दिए गए। महिलाओं को पोषण किट दी गईं। पीएम स्वनिधि के चेक भी दिए गए।
कई मुद्दे आए सामनेशिविर में नामांतरण, बिजली-पानी, अतिक्रमण हटाने सहित विभिन्न जनहित के मुद्दे प्रमुखता से सामने आए। कस्बे के लोगों ने नलों में गंदा पानी आने की शिकायत की। कई लोगों ने खेतों पर कब्जे और अन्य समस्याओं को लेकर परिवेदनाएं दी। सौख सरपंच श्रीभान चौधरी ने मंजूरी के दो वर्ष बाद भी सीएचसी भवन के लिए राशि जारी नहीं होने तथा सौख में जल जीवन मिशन के अधूरे कार्यों का मुद्दा उठाया। मंगोलाकी सरपंच ने गांव में जेजेएम का कार्य शुरू नहीं होने की जानकारी दी।इस पर कलक्टर ने सौख क्षेत्र की पेयजल समस्या का समाधान 15 जून तक तथा सौखरी क्षेत्र की समस्या का समाधान 30 जून तक करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। इसके अलावा पत्थरगढ़ी के लंबित मामलों को 10 दिन में निपटाने तथा अन्य सभी मामलों का निस्तारण 30 जून तक करने के निर्देश दिए। कलक्टर ने बताया कि कठूमर से शुरू लाभार्थियों से संवाद कर योजनाओं के लाभ का फीडबैक लिया। अधिकारियों ने शिविर में मौजूद लोगों को विभिन्न योजनाओं की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया एवं लाभों की जानकारी दी।
अव्यवस्थाओं को लेकर लोगों में नाराजगी
शिविर में अव्यवस्थाओं को लेकर भी लोगों में नाराजगी दिखाई दी। फरियादियों के बैठने के लिए पर्याप्त कुर्सियों की व्यवस्था नहीं थी, जिसके चलते लोगों को घंटों तक खड़े रहकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। कलक्टर के सामने ही लगातार कुर्सियां मंगवाई जाती रही। भीषण गर्मी के बीच नगरपालिका प्रशासन की ओर से पानी के लिए केवल एक टैंकर की व्यवस्था की गई। हालात यह रहे कि दोपहर एक बजे तक पंडाल की व्यवस्थाएं पूरी नहीं हो सकी।