Cyber Crime Pali: चंद रुपयों के लालच में बेच रहे अपना बैंक खाता, पुलिस की रडार पर आए 702 संदिग्ध बैंक खाते

पाली। प्रदेश में साइबर ठगी का नेटवर्क म्यूल अकाउंट के सहारे तेजी से फैल रहा है। जोधपुर आयुक्तालय और रेंज में 4 हजार बैंक खाते संदिग्ध पाए है। पाली जिले में 702 बैंक खाते संदिग्ध है। जिनका उपयोग साइबर ठगी में होने की आशंका है। पाली साइबर सेल व पुलिस की ओर से ऑपरेशन म्यूल हंटर के तहत 24 जनों के खिलाफ कार्रवाई भी की है। पुलिस 227 खातों का वेरीफिकेशन कर चुकी है।

साइबर ठगी अब एक संगठित अपराध बन चुका है। इसमे साइबर ठग सीधे लोगों को निशाना नहीं बना रहे। वे स्थानीय स्तर के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को खोजते हैं। उनको बैंक खातों को किराए पर देने का लालच देते हैं। उनके नाम से बैंक खाता खोलकर, सिम कार्ड लेकर और उसी से यूपीआई व नेट बैंकिंग के सहारे दूसरों से राशि ठगते हैं। ऐसा करने से पुलिस के लिए असली अपराधी तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है ओर वे ठगी करते रहते हैं।

छोटे शहरों को बना रहे ठिकाना

साइबर ठग बड़े शहरों के साथ अब पाली, जालोर, सिरोही जैसे छोटे शहरों को भी अपना ठिकाना बना रहे है। वे अन्य राज्यों से इन छोटे शहरों में आकर किराए के भवन में रहते हैं और वहां से नेटवर्क चलाते है और ठगी को अंजाम देते है। जिसका उदाहरण पाली में पकड़े गए गुजरात के साइबर अपराधी है। वे पाली में किराए के भवन में रहकर ठगी कर रहे थे।

बेरोजगार व निर्धन बन रहे निशाना

साइबर ठगों का निशाना ज्यादातर बेरोजगार युवा व निर्धन लोग बनते है। जिनको 5-25 हजार रुपए बैंक खाते के बदले देकर साइबर ठग खाता, सिम कार्ड आदि ले लेते हैं। उनके खाते से कितना ट्रांसजेक्शन हो रहा है। यह भी खाताधारक को पता नहीं होता है। जब पुलिस उन तक पहुंचती है तो वे जेल तक पहुंच जाते हैं।

हमारा म्यूल इंटर को लेकर एक अभियान चल रहा है। जिले में दो साइबर, दो कोतवाली, औद्योगिक क्षेत्र व एक रानी थाने में मामला दर्ज हुआ है। किसी को भी अपना खाता संचालित करने की अनुमति दूसरे को नहीं देनी चाहिए। म्यूल एकाउंट के मामले बीएनएस की धारा 112 के तहत दर्ज हो रहे है।
-किशोरसिंह भाटी, डीवाइएसपी, साइबर सेल, पाली

म्यूल अकाउंट के केस

केस 1
पाली रहने वाले खाताधारक सूरज व प्रकाश ने महज 6 हजार रुपए में अपना खाता एक योगेश सेन को बेच दिया था। उनके खाते में महाराष्ट्र से 1 लाख, गुजरात से 10 हजार, कर्नाटक से 30 व 40 हजार तथा तमिलनाडु से 7000 रुपए से अधिक के ट्रांसजेक्शन के बाद पकड़ में आए। पुलिस ने सूरज व योगेश को गिरफ्तार किया। प्रकाश को खाते के बदले कुछ नहीं मिला था, वह फंस गया था। इस पर उसे छोड़ दिया गया।

केस 2
पाली के बापू नगर विस्तार में किराए का मकान लेकर गुजरात का गोकुल कुमार सोनी, हीरेन कुमार रावल, ओम कुमार ओड व पाली के बापू नगर विस्तार निवासी योगेश सोनी साइबर ठगी कर रहे थे। उन्होंने लोगों से 25 हजार रुपए में खाते किराए पर ले रखे थे। उनके पास 100 से अधिक बैंक खाते, 29 एटीएम कार्ड, 3 बैंक डायरी, 2 बैंक बुक व 50 सिम कार्ड मिले। उनसे पुलिए अभी पूछताछ कर रही है।

जिले के इन थानों में अधिक मामले

कोतवालीः 358

औद्योगिक क्षेत्रः 47

टीपी नगर: 54

मारवाड़ जंक्शन: 56

सुमेरपुर: 42

फालना: 21