Ashok Chandna Accused of Threatening EO: हिंडोली (बूंदी): हिंडोली नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी जितेंद्र मीणा ने विधायक और पूर्व मंत्री अशोक चांदना के खिलाफ राजकार्य में बाधा पहुंचाने और जातिगत रूप से अपमानित करने का मामला थाने में दर्ज कराया है। यह मामला गत 13 अप्रैल का बताया जा रहा है। विधायक के खिलाफ मामला होने के कारण इसकी जांच सीआईडीसीबी को सौंपी गई है।
बता दें कि हिंडोली थानाधिकारी मुकेश यादव ने बताया कि नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी जितेंद्र मीणा ने रिपोर्ट दर्ज करवाई कि कस्बे में ओमप्रकाश सुवालका की ओर से किए गए निर्माण एवं अतिक्रमण को लेकर कार्रवाई चल रही थी। गत 13 अप्रैल को मीणा राजकार्य में व्यस्त थे।
‘मेरे कार्यकर्ता का अब एक भी पत्थर गिरा तो आपकी जड़ें खोद दूंगा’
दोपहर करीब ढाई बजे विधायक अशोक चांदना के पीए रामधन का फोन आया। लेकिन वह कॉल रिसीव नहीं कर सके। इसके बाद मैसेज भेजा गया कि पूर्व मंत्री अशोक चांदना बात करेंगे। कुछ देर बाद फिर कॉल आया, जिसे रिसीव करने पर उधर से आवाज आई कि मैं विधायक अशोक चांदना बोल रहा हूं। सुनो मेरे कार्यकर्ता का अब एक भी पत्थर गिरा तो आपकी जड़ें खोद दूंगा।
फिर ईओ ने क्या दिया जवाब…
ईओ ने कहा कि उन व्यक्तियों ने सरकारी जमीन पर अतिक्रमण किया है। इनकी उच्च स्तरीय शिकायत है। मुझे उसका जबाव देना है, तो विधायक ने कहा कि अब आप समझ लेना, इनकी दीवार गिरी तो एक न एक दिन आपके उपर ही गिरेगी वह दीवार। मैं छोडूंगा नहीं, जो मेरे कांग्रेस के कार्यकर्ता को परेशान करेगा इस राज में, उसको दौड़ा-दौड़ा कर मारूंगा।
ईओ और परिजन डरे
इस प्रकार विधायक अशोक चांदना ने उन्हें डराया धमकाया और उन्हें राजकार्य व कर्तव्यों को नहीं करने का नाजायज व अवैधानिक तरीके से दबाव बनाया। प्रार्थी अनुसूचित जनजाति का सरकारी कर्मचारी है। वह काफी डरा और सहमा हुआ है। इसके बाद से उसके परिवारजन भी डरे हुए हैं।
विधायक के खिलाफ मुकदमा दर्ज
पुलिस ने बताया कि अधिशासी अधिकारी की रिपोर्ट पर विधायक अशोक चांदना के खिलाफ राजकीय कार्य में बाधा डालने, सरकारी कर्मचारी को डराने धमकाने और एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच अब सीआईडीसीबी करेगी।