Central Govt Dam Safety Survey: राजस्थान में छोटे-बड़े बांधों की सेहत जांचने का काम शुरू हो गया है। डेम सेफ्टी एक्ट के तहत राजस्थान के 315 बांधों का मौके पर जाकर निरीक्षण किया जा रहा है, ताकि मानसून से पहले किसी भी खतरे या कमी को समय रहते दूर किया जा सके। जांच के दौरान बांधों की मजबूती, रखरखाव, मरम्मत, जलभराव क्षमता और सुरक्षा व्यवस्थाओं का आकलन किया जा रहा है। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि बांधों के भराव क्षेत्र में अतिक्रमण तो नहीं बढ़ गए, जिससे पानी की आवक प्रभावित हो रही हो। जयपुर के रामगढ़ बांध सहित कई बांधों के कैचमेंट एरिया का भी सर्वे किया जा रहा है। रिपोर्ट तैयार कर केंद्र सरकार को भेजी जाएगी।
राजस्थान के ये बांध
जयपुर जोन- 40 बांध
कोटा जोन- 40 बांध
उदयपुर जोन- 114 बांध
जोधपुर जोन- 60 बांध
बांसवाड़ा जोन- 61 बांध
ये देख रही टीमें
बांधों की वर्तमान स्थिति और संरचना की मजबूती का तकनीकी आकलन
मरम्मत, रखरखाव और लंबे समय से लंबित कार्यों की स्थिति की जांच
बांधों के भराव क्षेत्र में हुए अतिक्रमणों का रिकॉर्ड तैयार करना
अतिक्रमण के कारण पानी की आवक और संग्रहण क्षमता पर असर का आकलन
पुराने बांधों की उम्र, मजबूती और सुरक्षा मानकों का परीक्षण
पर्यटकों की आवाजाही और सुरक्षा इंतजामों की स्थिति की भी समीक्षा
जयपुर जोन पर फोकस
जयपुर जोन के 40 बांध जांच के दायरे में
जयपुर सर्कल के 29 बांधों का निरीक्षण
रामगढ़ बांध के बहाव क्षेत्र का सर्वे
जयपुर जोन में इन बांधों का हो रहा निरीक्षण
हिंगोनिया, खरड़, कालख सागर, बूचेड़ा, छापरवाड़, शील की डूंगरी, रामगढ़, छितोली, कानोता, कूकस, चंद्राना, माधो सागर, सैंथल सागर, मौरेल, रेरिया, बिनोर सागर, सिंथोली, ढील, सूरवाल, मोरसागर, मानसरोवर, देवपुरा, जग्गर, कालीसिल, पांचना, भेरूंडा, बिशनसमंद, टोरडी़ सागर, गलवा, मासी, मंगलसर, जयसागर, सिलीसेढ़, बंध बरेठा, पार्वती बांध, बीसलपुर, ईसरदा।
केंद्र सरकार क्यों करवा रही जांच
केंद्र सरकार डेम सेफ्टी एक्ट के तहत देशभर के करीब 6 हजार बांधों की पहली बार संयुक्त जांच करवा रही है। इस का उद्देश्य बांधों की वर्तमान स्थिति, सुरक्षा और रखरखाव की वास्तविक जानकारी जुटाना है। जांच के आधार पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार होगी, जिससे बदहाल स्थिति वाले बांधों की पहचान हो सके। बताया जा रहा है कि ऐसे बांधों के सुधार और मरम्मत के लिए केंद्र सरकार की ओर से आर्थिक सहायता भी दी जा सकती है।