Petrol Diesel Price Hike : राजस्थान में सरकारी और प्राइवेट पेट्रोल पंपों में 3 रुपए का फर्क! क्या जानते हैं बड़ी वजह?

राजस्थान में पिछले दो दिनों से पेट्रोल और डीज़ल की सप्लाई को लेकर मचे भारी सियासी घमासान और उपभोक्ताओं में फैले डर के बीच सरकार ने स्थिति पूरी तरह साफ कर दी है। अगर आप भी इस डर से अपनी गाड़ी की टंकी फुल कराने के लिए कतारों में खड़े हैं कि आने वाले दिनों में तेल खत्म हो जाएगा, तो आपके लिए यह खबर पढ़ना बेहद जरूरी है।

दरअसल, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के सचिव अम्बरीष कुमार ने तेल कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ एक हाई-लेवल मीटिंग के बाद साफ किया कि राजस्थान में ईंधन की कोई कमी नहीं है। जो भीड़ पंपों पर दिख रही है, उसके पीछे कोई सप्लाई शॉर्टेज नहीं, बल्कि कीमतों का एक बहुत बड़ा आर्थिक गणित काम कर रहा है।

प्राइवेट V/S सरकारी पंप: ₹3 का अंतर !

Petrol Pump – File PIC

सचिव अम्बरीष कुमार ने बताया कि इस समय बाजार में दो अलग-अलग तरह की दरें चल रही हैं, जिसके कारण पूरा दबाव सरकारी या सार्वजनिक क्षेत्र (Public Sector) के पेट्रोल पंपों पर आ गया है।

सरकारी आउटलेट्स का रेट: इंडियन ऑयल (IOCL), एचपीसीएल (HPCL) और बीपीसीएल (BPCL) के खुदरा आउटलेट्स पर डीज़ल की कीमत इस समय करीब ₹94 प्रति लीटर है।

निजी आउटलेट्स का रेट: वहीं दूसरी तरफ निजी क्षेत्र की प्रमुख कंपनी ‘नायरा’ (Nayara) और अन्य प्राइवेट आउटलेट्स पर डीज़ल की कीमत लगभग ₹97 प्रति लीटर तक पहुंच गई है।

उपभोक्ताओं का रुख: प्रति लीटर सीधे ₹3 का अंतर होने के कारण आम जनता, ऑटो चालक और भारी वाहन मालिक प्राइवेट पेट्रोल पंपों पर जाने के बजाय सरकारी पंपों पर ही कतार लगा रहे हैं। इसी वजह से सरकारी आउटलेट्स पर अचानक वाहनों की संख्या दोगुनी से ज्यादा हो गई है।

राजस्थान में पेट्रोल-डीजल की पर्याप्त उपलब्धता

आमजन घबराहट में खरीदारी न करें – खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति सचिवhttps://t.co/MX9zloBOht

— सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग, राजस्थान सरकार (@DIPRRajasthan) May 19, 2026

फैक्ट्रियों-उद्योगों ने भी किया सरकारी पंपों का रुख

इस पूरे संकट के पीछे एक और बहुत बड़ा और तकनीकी कारण छिपा हुआ है, जिसकी जानकारी आम लोगों को नहीं थी। दरअसल, उद्योगों, बड़ी फैक्ट्रियों, मॉल और जनरेटर सेट चलाने वाले संस्थागत (Bulk/Institutional) उपभोक्ताओं के लिए डीज़ल की कीमत बाजार में लगभग ₹160 प्रति लीटर के आसपास चल रही है।

थोक खरीदारों की चालाकी: जब उद्योगों को थोक में डीज़ल ₹160 मिल रहा है और आम पेट्रोल पंपों पर वही डीज़ल ₹94 मिल रहा है, तो कई औद्योगिक और थोक उपभोक्ता अपने ड्रम और टैंकर लेकर सीधे खुदरा (Retail) पेट्रोल पंपों पर पहुंचने लगे।

प्रशासन की प्राथमिकता: इस अतिरिक्त दबाव के चलते सरकारी पंपों पर स्टॉक जल्दी खत्म होने जैसी स्थिति बनी। हालांकि, सचिव ने साफ किया है कि कंपनियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे खुदरा और आम उपभोक्ताओं (बाइक, कार, पब्लिक ट्रांसपोर्ट) की जरूरतों को पहली प्राथमिकता दें।

सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियां – इंडियनऑयल, बीपीसीएल और एचपीसीएल, तेल और गैस क्षेत्र को प्रभावित कर रही वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद, राजस्थान में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की निर्बाध आपूर्ति बनाए हुए हैं। pic.twitter.com/MZd5w341F5

— IOCL_Rajasthan (@IOCL_Rajasthan) May 19, 2026

राजस्थान में टूटा बिक्री का रिकॉर्ड

तेल कंपनियों (IOCL, HPCL, BPCL) के प्रतिनिधियों ने जो आंकड़े पेश किए हैं, वे यह साबित करते हैं कि राजस्थान में ईंधन की खपत पिछले साल के मुकाबले अप्रत्याशित रूप से बढ़ गई है।

सालाना बिक्री में हुई इस रिकॉर्ड तोड़ वृद्धि को आप इस चार्ट के जरिए समझ सकते हैं:

तेल कंपनियों की राजस्थान बनाम अन्य राज्यों में बिक्री वृद्धि दर (Growth Rate)

तेल कंपनी (Oil Company)राजस्थान में पेट्रोल बिक्री वृद्धिराजस्थान में डीज़ल बिक्री वृद्धिअन्य राज्यों में औसत पेट्रोल वृद्धिअन्य राज्यों में औसत डीज़ल वृद्धिइंडियन ऑयल (IOCL)28.0%43.0%20.2%20.8%एचपीसीएल (HPCL)13.7%16.8%सामान्यसामान्यबीपीसीएल (BPCL)24.0%30.0% +सामान्यसामान्य

विशेषकर इंडियन ऑयल (IOCL) की डीज़ल बिक्री में आया 43 प्रतिशत का उछाल यह साफ करता है कि मरुधरा के विकास कार्यों, कृषि और परिवहन सेक्टर में ईंधन की मांग बहुत तेजी से बढ़ी है, जिसे कंपनियां लगातार पूरा कर रही हैं।

Across highways, city roads and neighbourhood routes, IndianOil retail outlets continue to operate normally with uninterrupted fuel availability.

Wherever the journey leads, dependable supply continues to stay close by.#IndianOil #FuelAvailability #EnergyOfIndiapic.twitter.com/BhZ1agB68F

— Indian Oil Corp Ltd (@IndianOilcl) May 19, 2026

अपील: अफवाहों पर ध्यान न दें, व्यवहार सामान्य रखें

राजनीतिक बयानों और सोशल मीडिया पर ‘सीमित सप्लाई’ की खबरों को सिरे से खारिज करते हुए खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति सचिव ने जनता को पूरी तरह आश्वस्त किया है।

उन्होंने आम जनता से अपील करते हुए कहा, “प्रदेश के सभी जिलों में स्थित डिपो और पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल एवं डीजल का पर्याप्त और सुरक्षित स्टॉक उपलब्ध है। आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) को लगातार सुदृढ़ और मजबूत बनाए रखा गया है। उपभोक्ताओं को किसी भी प्रकार की चिंता या घबराहट (Panic) करने की बिल्कुल आवश्यकता नहीं है। आमजन किसी भी प्रकार की अफवाह या आशंका के चलते अनावश्यक रूप से अपने घरों में ईंधन का भंडारण न करें और न ही पैनिक बाइंग करें। सभी को नियमित रूप से तेल मिलता रहेगा।”

पैनिक से बचें, सुरक्षित है मरुधरा का स्टॉक

स्पष्ट है कि राजस्थान में तेल का कोई संकट नहीं है, बल्कि यह केवल मांग के अचानक एक ही जगह (सरकारी पंपों पर) केंद्रित हो जाने और अफवाहों के कारण उपजा एक अस्थाई दबाव है। सरकार और तेल कंपनियों के पास प्रचुर मात्रा में स्टॉक है। इसलिए पेट्रोल पंपों पर बेवजह कतारें लगाकर खुद परेशान न हों और सामान्य दिनों की तरह ही ईंधन की खरीदारी करें, ताकि सुचारू व्यवस्था बनी रहे।