Rajasthan Oil Crisis: राजस्थान के अन्य जिलों की तरह जयपुर शहर में भी पेट्रोल‑डीजल की सप्लाई का संकट गहराने लगा है। हालात को भांपकर तेल कंपनियों ने पेट्रोल‑डीजल की राशनिंग शुरू कर दी है। नए फार्मूले के अनुसार पंप पर टैंक में 50 फीसदी पेट्रोल‑डीजल होने पर ही दूसरा टैंकर दिया जाएगा। राशनिंग के पीछे कमी और परिवहन के लिए टैंकर उपलब्ध न होने की वजह बताई जा रही है। मंगलवार को अन्य जिलों और हाईवे के पेट्रोल पंपों जैसे हालात जयपुर में भी सामने आए।
कंपनियों के नए फरमान के कारण डीलर्स को मांगने पर भी टैंकर नहीं मिले। उन्हें एक तिहाई स्टॉक होने पर ही टैंकर दिया गया। कई पंप चार से पांच घंटे तक ड्राई रहे। नतीजतन अजमेर रोड और जगतपुरा समेत कई पंपों पर डीजल वाहन बिना ईंधन लिए लौट गए। पूरे शहर में अफरा‑तफरी रही। हालांकि पेट्रोल लेने में दिक्कत नहीं हुई, लेकिन डीजल को लेकर दिनभर कतारें लगी रहीं।
तेल कंपनियों के दबाव के कारण पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने सीधेतौर पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया। उन्होंने बस इतना स्वीकार किया कि किल्लत है, लेकिन खुलकर बोलने से बचते रहे।
रास्ते में अटकी फलों की गाड़ियां
डीजल की किल्लत का असर अब राजधानी की फल‑सब्जी आवक पर भी दिखने लगा है। तेलंगाना, मध्यप्रदेश सहित अन्य राज्यों से आने वाली गाड़ियां रास्ते में अटक गई हैं। मुहाना मंडी के व्यापारियों को फलों के खराब होने की चिंता सताने लगी है। हैदराबाद से आम लेकर जयपुर के लिए रवाना हुए सुरेश सैनी ने बताया कि बुरहानपुर के पास एक पंप पर सिर्फ 3 हजार रुपए का ही डीजल मिला। आगे दूसरे पंप पर भी यही हाल रहा। ड्राइवरों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है, फिर भी पर्याप्त डीजल नहीं मिल पा रहा।
नहीं करें पेट्रोल-डीजल का अनावश्यक भंडारण
प्रदेश में पेट्रोल-डीजल की किल्लत के बीच मंगलवार शाम को राज्य के खाद्य व नागरिक आपूर्ति विभाग के सचिव अंबरीश कुमार ने राज्य में पेट्रोलियम उत्पाद के भंडारण को लेकर वस्तुस्थति की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राज्य में पेट्रोल-डीजी का पर्याप्त स्टाक है और पिछले साल की तुलना में पेट्रोल की बिक्री 28 और डीजल की बिक्री 40 फीसदी तक बढी है। अंबरीश कुमार ने उपभोक्ताओं से अपील करते हुए कहा है कि अनावश्यक रूप से पेट्रोल-डीजल का भंडारण नहीं करें।
परिवार के लिए कमाएं या पेट्रोल भरवाने के लिए
पेट्रोल पंपों पर लोग बोले-समझ में नहीं आ रहा है कि परिवार चलाने के लिए कमाएं या फिर गाड़ी में पेट्रोल भरवाने के लिए। पांच दिन में ही दूसरी बार पेट्रोल महंगा होने से अब आर्थिक बोझ और बढ़ेगा।
रामेश्वर बिजारणियां, पेट्रोल उपभोक्ता, करतारपुरा
पेट्रोल की कीमतें भी ले रही हैं हमारी परीक्षा
प्रतियोगी परीक्षा से पहले पेट्रोल की कीमतें भी हमारी परीक्षा ले रही हैं। पहले ही जयपुर में रह कर तैयारी पर मोटा खर्च हो रहा है और अब पेट्रोल फिर से महंगा कर दिया। अब पूरे महीने का बजट गड़बड़ा गया है और घर से अतिरिक्त खर्च मंगाना पडे़गा।
सुमेर सिंह मीणा, टोंक फाटक, प्रतियोगी परीक्षा तैयारी करने वाला स्टूडेंट