Petrol Diesel Price Hike : राजस्थान में फिर बढ़े पेट्रोल-डीज़ल के दाम, जानें क्या हैं नई कीमतें?

राजस्थान में भीषण गर्मी और पारे के साथ-साथ अब पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों का ग्राफ भी तेजी से आसमान छूने लगा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आए उतार-चढ़ाव का हवाला देते हुए सरकारी तेल कंपनियों ने राजस्थान सहित देश भर के उपभोक्ताओं को एक और तगड़ा झटका दिया है।

15 मई को हुई बढ़ोतरी के ठीक चार दिन बाद यानी आज 19 मई 2026 को एक बार फिर ईंधन के दामों में उछाल आया है। इस लगातार हो रही बढ़ोतरी ने आम जनता के घर का बजट पूरी तरह से बिगाड़ कर रख दिया है।

जानिए ‘महज 96 घंटे’ में बढ़ोतरी का गणित

राजस्थान में पिछले 4 दिनों के भीतर तेल के खेल ने आम आदमी को पूरी तरह से चौंका दिया है। अगर हम पिछले चार दिनों के आंकड़ों का विश्लेषण करें, तो यह बढ़ोतरी किसी ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ से कम नहीं है:

आज की बढ़ोतरी (19 मई): पेट्रोल में 94 पैसे और डीज़ल में 91 पैसे प्रति लीटर का इजाफा हुआ।

4 दिन का कुल बोझ: पिछले 4 दिनों के भीतर पेट्रोल 4 रुपए 19 पैसे प्रति लीटर महंगा हो चुका है।

डीज़ल का हाल: इसी अवधि में डीज़ल के दाम भी 3 रुपए 91 पैसे प्रति लीटर बढ़ चुके हैं।

इससे पहले 15 मई को भी तेल कंपनियों ने ऐसे ही दाम बढ़ाए थे, जिससे साफ है कि सप्ताह में दो बार जनता पर सीधे तौर पर महंगाई का बड़ा बोझ लाद दिया गया है।

Adequate stocks of petrol, diesel, #LPG and natural gas are available across the country. There is no need for panic among LPG distributors, retail outlets or consumers, as the supply of all essential fuels continues normally.

The Government has urged people to avoid panic… pic.twitter.com/AQAGDcc2t0

— PIB India (@PIB_India) May 18, 2026

राजधानी जयपुर समेत राजस्थान के प्रमुख शहरों में आज की नई दरें (Latest Fuel Rates)

राजस्थान में वैट (VAT) और लोकल ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट के कारण अलग-अलग जिलों में पेट्रोल-डीज़ल की कीमतें अलग होती हैं। जयपुर में आज की नई दरें इस प्रकार हैं:

ईंधन का प्रकार (Fuel Type)पुरानी कीमत (जयपुर)आज की नई कीमत (जयपुर)कुल बढ़ोतरी (आज)पेट्रोल (Petrol)₹107.97₹108.91 प्रति लीटर+94 पैसेडीज़ल (Diesel)₹93.23₹94.14 प्रति लीटर+91 पैसे

इसके अलावा श्रीगंगानगर और सीमावर्ती जिलों में तो ट्रांसपोर्टेशन चार्ज अधिक होने के कारण पेट्रोल की कीमत ₹111 के पार पहुँचने की आशंका जताई जा रही है, जो पूरे देश में सबसे महंगे ईंधनों में से एक है।

We would like to assure all citizens that fuel stocks across Bharat are sufficient, and our supply chain operations are functioning smoothly across the network.

There is absolutely no need for panic-buying or unnecessary rush at fuel stations. We request everyone to refuel… pic.twitter.com/PREn1UZWlD

— Hindustan Petroleum Corporation Limited (@HPCL) May 18, 2026

बढ़ सकता है जरूरी चीजों का मालभाड़ा

डीज़ल की कीमतों में 4 दिन के भीतर करीब 4 रुपए की इस भारी वृद्धि ने राजस्थान के ट्रांसपोर्ट व्यवसाय की कमर तोड़ दी है। ऑल राजस्थान ट्रक ऑपरेटर्स एसोसिएशन और जयपुर ट्रांसपोर्टर्स फेडरेशन ने इस बढ़ोतरी पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया है।

ट्रांसपोर्टर्स की 3 बड़ी चिंताएं:

मालभाड़े में वृद्धि तय: डीज़ल महंगा होने का सीधा मतलब है कि ट्रकों और लोडिंग वाहनों का संचालन खर्च बढ़ जाएगा। इसके चलते आने वाले दिनों में फल, सब्जियां, दूध और राशन जैसी जरूरी चीजों का मालभाड़ा (Freight Charges) बढ़ाना पड़ेगा।

महंगाई की चौतरफा मार: जब मालभाड़ा बढ़ेगा, तो खुदरा बाजार में आम जनता के लिए हर छोटी-बड़ी चीज महंगी हो जाएगी।

हड़ताल की चेतावनी: स्थानीय ट्रांसपोर्ट यूनियनों का कहना है कि अगर सरकार ने टैक्स (VAT) कम करके कीमतों को नियंत्रित नहीं किया, तो वे चक्का जाम और अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगे।

राजस्थान में पेट्रोल एवं डीजल की पर्याप्त उपलब्धता
प्रविष्टि तिथि: 18 MAY 2026 5:58PM by PIB Jaipurhttps://t.co/cxg2jPnERv pic.twitter.com/ciEiF4WEhF

— IOCL_Rajasthan (@IOCL_Rajasthan) May 18, 2026

क्या भजनलाल सरकार घटाएगी वैट (VAT)?

राजस्थान में पेट्रोल-डीज़ल पर लगने वाला वैट (Value Added Tax) पड़ोसी राज्यों जैसे हरियाणा और पंजाब के मुकाबले काफी ज्यादा है। चुनाव के समय भाजपा ने जनता से वादा किया था कि वे तेल पर लगने वाले वैट की समीक्षा करेंगे और कीमतें कम करेंगे। हालांकि कुछ समय पहले सरकार ने मामूली राहत दी थी, लेकिन अंतरराष्ट्रीय दबाव और कंपनियों की लगातार बढ़ोतरी के कारण वह राहत अब पूरी तरह से खत्म हो चुकी है।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि जब तक राज्य सरकार टैक्स के ढांचे में स्थाई बदलाव नहीं करती, तब तक आम उपभोक्ताओं को इस तरह के झटकों से बचाना नामुमकिन होगा।

महंगाई के इस दौर में कैसे बचेगी आम जनता?

लगातार बढ़ती कीमतें केवल एक वाहन चालक की समस्या नहीं है, बल्कि यह पूरी अर्थव्यवस्था की चेन को प्रभावित करती हैं। एक तरफ चिलचिलाती गर्मी और दूसरी तरफ जेब को झुलसाती तेल की ये कीमतें जनता के सब्र का इम्तिहान ले रही हैं। अब देखना होगा कि क्या केंद्र या राज्य सरकार टैक्स में कटौती कर जनता को कोई राहत देती है या आने वाले दिनों में यह ग्राफ ऐसे ही ऊपर जाता रहेगा।