अलवर/भिवाड़ी: उद्योग नगरी भिवाड़ी के कैप्टन चौक क्षेत्र से एक बेहद हैरान और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक मां पर अपनी ही आठ महीने की मासूम बेटी को कथित तौर पर तेजाब पिलाने का गंभीर आरोप लगा है। इस खौफनाक वारदात के बाद बच्ची की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। उसे गंभीर अवस्था में वेंटिलेटर पर रखा गया है, जहां वह जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही है। पुलिस ने मामला दर्ज कर घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
मिली जानकारी के अनुसार, घटना के समय बच्ची का पिता मोहित (निवासी जिला डीग) अपने काम पर गया हुआ था। घर पर सिर्फ मां और आठ महीने की मासूम बच्ची ही मौजूद थीं। इसी दौरान कथित तौर पर मां ने अपनी ही दुधमुंही बच्ची को तेजाब पिला दिया।
तेजाब पेट में जाते ही मासूम तड़प उठी और जोर-जोर से रोने-चिल्लाने लगी। कुछ ही देर में बच्ची के नाक और मुंह से लगातार खून बहने लगा (ब्लीडिंग होने लगी), जिससे आसपास के लोगों और परिजनों में हड़कंप मच गया।
भिवाड़ी से अलवर शिशु अस्पताल रेफर
बच्ची की चीख-पुकार सुनकर परिजन और पिता मोहित तुरंत उसे लेकर भिवाड़ी के स्थानीय अस्पताल पहुंचे। डॉक्टरों ने बच्ची की गंभीर हालत को देखते हुए प्राथमिक उपचार दिया और तुरंत अलवर के शिशु अस्पताल (Geeta Das Children Hospital/District Hospital) के लिए रेफर कर दिया।
फिलहाल, मासूम बच्ची अलवर के शिशु अस्पताल में भर्ती है और डॉक्टरों की कड़ी निगरानी में है। अस्पताल की वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. राशि कौशिक के सुपरविजन में विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक टीम बच्ची की जान बचाने के लिए पूरी मुस्तैदी से जुटी हुई है। डॉक्टरों के मुताबिक, बच्ची की स्थिति बेहद नाजुक और चिंताजनक बनी हुई है।
सदमे में पिता, पुलिस जांच में जुटी
इस खौफनाक कदम के पीछे की असली वजह क्या थी, इसका अभी तक स्पष्ट रूप से पता नहीं चल पाया है। इस हादसे ने पिता मोहित को पूरी तरह तोड़कर रख दिया है। पीड़ित पिता ने रोते हुए बताया कि यह घटना उनके लिए किसी बड़े सदमे से कम नहीं है। उनकी पहले से ही एक बड़ी बेटी है, और अब इस छोटी बच्ची के साथ हुई इस क्रूरता ने पूरे परिवार को हिलाकर रख दिया है।
स्थानीय पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए केस दर्ज कर लिया है। पुलिस प्रशासन हर पहलू को ध्यान में रखकर गहनता से पड़ताल कर रहा है कि आखिर एक मां ने अपनी ही कोख से जन्मी बच्ची के साथ ऐसा आत्मघाती कदम क्यों उठाया।