Rajasthan: पांच साल बाद राजस्थान के इस जिले को मिलेगी बड़ी सौगात, रफ्तार से दौड़ेंगी गाड़ियां, नहीं लगेगा जाम

बाड़मेर। गडरारोड-मुनाबाव मार्ग पर पिछले पांच वर्षों से निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज अब जल्द ही आमजन को राहत देने वाला है। लंबे इंतजार और कई तकनीकी अड़चनों के बाद ओवरब्रिज का निर्माण कार्य अंतिम चरण में पहुंच गया है। प्रशासन ने दावा किया है कि आगामी 15 दिनों में एकतरफा यातायात शुरू कर दिया जाएगा। इससे क्षेत्र के लोगों को लंबे समय से हो रही आवाजाही की परेशानी और जाम से राहत मिलने की उम्मीद है। निर्माणाधीन ओवरब्रिज के एक हिस्से पर छत यानी स्लैब का कार्य पूरा हो चुका है।

वर्तमान में दोनों तरफ दीवार निर्माण और तराई का कार्य तेजी से किया जा रहा है। सार्वजनिक निर्माण विभाग (एनएच विंग) के अधिकारियों के अनुसार एक जून तक ओवरब्रिज के एक हिस्से को यातायात के लिए खोल दिया जाएगा। इससे गडरारोड-मुनाबाव मार्ग पर आवागमन पहले की तुलना में अधिक सुगम हो सकेगा।

स्लैब निर्माण का कार्य भी लगभग पूरा

बताया जा रहा है कि पिछले साल 6 नवंबर को आरडीएसओ लखनऊ की टीम ने लगभग 700 मीट्रिक टन स्टील से बने 52 मीटर लंबे बो-स्ट्रिंग गर्डर ब्रिज की तकनीकी जांच की थी। उस दौरान कई तकनीकी खामियां सामने आई थीं। बाद में दोबारा निरीक्षण किया गया, जिसके बाद गर्डर को मंजूरी मिल गई। रेलवे से ब्लॉक मिलने के बाद गर्डर लॉन्च किया गया और अब स्लैब निर्माण का कार्य भी लगभग पूरा हो चुका है।

डेढ़ साल पहले 90 प्रतिशत काम हुआ था पूरा

ओवरब्रिज का करीब 90 प्रतिशत निर्माण कार्य लगभग डेढ़ साल पहले ही पूरा हो गया था, लेकिन रेलवे ट्रैक के ऊपर बनने वाले हिस्से के लिए अलग स्वीकृति प्रक्रिया के कारण परियोजना अटक गई थी। मेहसाणा फैक्ट्री से गर्डर लाकर जोड़ने और फोर-पॉइंट सर्टिफिकेट मिलने के बावजूद अंतिम गुणवत्ता जांच में मामला लंबित बना रहा। इसी कारण काम तय समय में पूरा नहीं हो सका।

2021 में शुरू हुआ था काम, 2023 में होना था पूरा

967 मीटर लंबे इस ओवरब्रिज का निर्माण अक्टूबर 2021 में शुरू हुआ था और इसे अक्टूबर 2023 तक पूरा किया जाना था। हालांकि रेलवे की जटिल स्वीकृति प्रक्रिया, तकनीकी आपत्तियों और निर्माण एजेंसी की धीमी कार्यप्रणाली के कारण परियोजना लगातार देरी का शिकार होती रही। इससे आमजन को लंबे समय तक परेशानी उठानी पड़ी।

खोल दिया जाएगा एकतरफा यातायात

रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण अब अंतिम दौर में है। एक तरफ छत का कार्य पूरा कर दिया गया है। अब तराई का काम पूरा होते ही एक जून से एकतरफा यातायात शुरू कर दिया जाएगा।

रोहिताषसिंह, अधिशासी अभियंता, सार्वजनिक निर्माण विभाग एनएच विंग, बाड़मेर