Udaipur Accident: खेमली. (उदयपुर)। डबोक में रफ्तार का कहर देखने को मिला, जहां एक अनियंत्रित डंपर ने बाइक सवार युवक को चपेट में ले लिया। हादसे में बाइक सवार की मौके पर ही मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, डंपर गलत दिशा (रॉन्ग साइड) से बेहद तेज गति में आ रहा था, जिसने सामने से आ रहे बाइक सवार को जोरदार टक्कर मार दी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि टक्कर इतनी तेज थी कि बाइक सवार डंपर के नीचे फंस गया। चालक ने डंपर रोकने के बजाय उसे भगाने का प्रयास किया, जिससे युवक काफी दूर तक सड़क पर घसीटता चला गया।
कुछ दूरी पर जाकर युवक का शव डंपर से अलग होकर गिरा। मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, युवक के शरीर के गंभीर रूप से क्षत-विक्षत हो जाने के कारण उसने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। हादसे के बाद मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्रित हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। पुलिस ने डंपर को जब्त कर चालक को डिटेन किया । मृतक के शव को राजकीय अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।
जिले में ही एक अन्य मामले में मावली क्षेत्र के गोवर्धनपुरा जीएसएस पर कार्यरत बिजली निगम के ठेका कर्मचारी बंशीलाल जाट की करंट लगने से मौत के बाद मावली उप जिला चिकित्सालय की मोर्चरी के बाहर भारी हंगामा हो गया। परिजनों और ग्रामीणों ने बिजली निगम पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीण दोषियों पर कार्रवाई, मृतक परिवार को सरकारी नौकरी तथा मुआवजे की मांग को लेकर अड़े रहे। करीब पांच घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद प्रशासन की समझाइश पर मामला शांत हुआ।
गोवर्धनपुरा निवासी बंशीलाल जाट (45) पिछले दो वर्षों से बिजली निगम में ठेका कर्मचारी के रूप में कार्यरत था। गुरुवार शाम करीब 6.30 बजे जीएसएस पर कार्य के दौरान अचानक करंट लगने से वह गंभीर रूप से झुलस गया। करंट लगते ही वह मौके पर अचेत होकर गिर पड़ा तथा उसके दोनों हाथ भी झुलस गए। काफी देर तक फोन नहीं उठाने पर ग्रामीण मौके पर पहुंचे, जहां वह बेसुध हालत में पड़ा मिला। इसके बाद ग्रामीण उसे तुरंत मावली उप जिला चिकित्सालय लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया। शुक्रवार सुबह बड़ी संख्या में ग्रामीण मावली उप जिला चिकित्सालय पहुंचे और मोर्चरी के बाहर धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने बिजली निगम पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए मावली के एईएन को हटाने की मांग भी उठाई। वहीं मृतक के परिवार के सदस्य को सरकारी नौकरी और 50 लाख रुपए मुआवजा देने की मांग रखी गई। करीब पांच घंटे तक चली वार्ता के बाद मृतक परिवार को कुल 12 लाख रुपए का मुआवजा दिलाने तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करवाने के आश्वासन पर सहमति बनी।