File Noting: जयपुर. जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) ने नागरिक सेवाओं को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और सरल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब जेडीए की विभिन्न ऑनलाइन सेवाओं से जुड़े आवेदनों पर की गई फाइल नोटिंग आवेदकों को उनके एसएसओ (SSO) आधारित JDA Services Dashboard पर दिखाई देगी। इस नई व्यवस्था के लागू होने से आमजन को अपने प्रकरण की वास्तविक स्थिति की स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।
कार्यालय आदेश के अनुसार यह व्यवस्था 1 जून 2026 से प्रभावी
जेडीए द्वारा जारी कार्यालय आदेश के अनुसार यह व्यवस्था 1 जून 2026 से प्रभावी होगी। इसके तहत ई-पट्टा, फ्री होल्ड ई-पट्टा, नामांतरण, सबडिवीजन, रिकॉन्स्टिट्यूशन तथा वन टाइम लीज सर्टिफिकेट (OTLC) जैसी प्रमुख सेवाओं के आवेदनों पर अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा की गई कार्रवाई और नोटिंग ऑनलाइन उपलब्ध होगी। इससे आवेदक यह जान सकेंगे कि उनकी फाइल किस स्तर पर है और उस पर अब तक क्या निर्णय या प्रक्रिया अपनाई गई है।
जेडीए आयुक्त सिद्धार्थ महाजन ने कहा कि यह कदम प्रशासनिक कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण सुधार है। उन्होंने बताया कि इस व्यवस्था से आवेदकों को यह समझने में आसानी होगी कि उनके आवेदन पर किस आधार पर निर्णय लिया जा रहा है और किन नियमों एवं प्रावधानों का पालन किया गया है। इससे न केवल प्रक्रिया स्पष्ट होगी, बल्कि किसी भी प्रकार की भ्रम की स्थिति भी कम होगी।
प्रत्येक नागरिक को समयबद्ध और पारदर्शी सेवा
आयुक्त ने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं कि वे नोटिंग करते समय संबंधित नियमों और प्रावधानों का स्पष्ट उल्लेख करें। साथ ही भाषा सरल, तथ्यात्मक और शिष्ट हो, ताकि आमजन को समझने में कोई कठिनाई न हो। उन्होंने कहा कि प्रशासन की जिम्मेदारी है कि प्रत्येक नागरिक को समयबद्ध और पारदर्शी सेवा उपलब्ध कराई जाए।
कार्यप्रणाली में जवाबदेही भी सुनिश्चित
नई व्यवस्था से न केवल फाइलों की निगरानी आसान होगी, बल्कि कार्यप्रणाली में जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी। डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से सूचना उपलब्ध कराने से नागरिकों और प्रशासन के बीच विश्वास मजबूत होगा। यह कदम ई-गवर्नेंस को बढ़ावा देने और सरकारी सेवाओं को अधिक सुगम बनाने की दिशा में एक सकारात्मक पहल माना जा रहा है।
जेडीए की यह नई पहल जयपुर शहर के विकास कार्यों और नागरिक सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकती है। पारदर्शिता और तकनीक के समन्वय से आमजन को बेहतर अनुभव और तेज समाधान मिलने की उम्मीद है।