Science and Technology: जयपुर. राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस के अवसर पर केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक अभियांत्रिकी अनुसन्धान संस्थान (सीरी) के जयपुर स्थित कार्यालय में विज्ञान भारती के सहयोग से विशेष समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में राज्यपाल हरिभाऊ बागडे मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
राज्यपाल ने अपने संबोधन में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के उपयोग को समृद्ध, सुरक्षित और स्वस्थ जीवन का आधार बताया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में अनाज, सब्जियों तथा खाद्य पदार्थों में पेस्टीसाइड और रासायनिक तत्वों की जांच के लिए उन्नत परीक्षण उपकरणों की अत्यंत आवश्यकता है। उन्होंने सीरी संस्थान से ऐसे उपकरण विकसित करने की पहल करने का आह्वान किया, जिससे खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
बागडे ने विज्ञान के आधुनिक विकास के साथ भारतीय ज्ञान परम्परा को जोड़ने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि भारत प्राचीन काल से ही विज्ञान, गणित, खगोल, धातु विज्ञान, आयुर्वेद और वास्तुकला जैसे क्षेत्रों में अग्रणी रहा है। उन्होंने शून्य की खोज, प्राचीन रंगों की वैज्ञानिकता और दूध में मिलावट की जांच के लिए प्रचलित हंसा टेस्ट का उल्लेख करते हुए भारतीय वैज्ञानिक दृष्टि की सराहना की।
राज्यपाल ने कहा कि विज्ञान के साथ नैतिक मूल्य और मानवीय प्रतिबद्धता भी आवश्यक है। केवल तकनीकी विकास पर्याप्त नहीं है, बल्कि व्यक्ति निर्माण पर भी ध्यान देना चाहिए। उन्होंने नई पीढ़ी की बौद्धिक क्षमता बढ़ाने और उन्हें भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ने की आवश्यकता पर जोर दिया।
कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने “राजस्थान विज्ञान महोत्सव 2026” की स्मारिका का लोकार्पण किया तथा संबंधित पोस्टर का विमोचन भी किया। उन्होंने सीरी की प्रयोगशाला में विकसित विभिन्न उपकरणों का अवलोकन कर वैज्ञानिक प्रयासों की सराहना की।
विज्ञान भारती के सचिव श्री मेघेंद्र शर्मा ने राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए पर्यावरण संरक्षण और जन-जागरूकता से जुड़े कार्यक्रमों की जानकारी दी। सीरी के निदेशक श्री पीसी पंचारिया ने संस्थान की उपलब्धियों एवं अनुसंधान कार्यों का विवरण प्रस्तुत किया।
समारोह में वैज्ञानिकों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम का उद्देश्य विज्ञान और समाज के बीच सेतु मजबूत करना तथा नवाचार को प्रोत्साहित करना रहा।