Rajasthan City Development : खुशखबर, राजस्थान के 49 छोटे शहरों का बनेगा मास्टर प्लान, जानें नाम

Rajasthan City Development : राजस्थान के 49 शहरों में अब सुनियोजित शहरी विकास की दिशा तय करने की तैयारी शुरू हो गई है। नगर नियोजन विभाग ने 113 नवगठित निकायों में से पहले चरण के इन शहरों का चयन कर मास्टर प्लान की कवायद शुरू कर दी है। इन शहरों में अभी तक विकास अस्थायी और काम चलाऊ व्यवस्थाओं के आधार पर हो रहा था, लेकिन मास्टर प्लान बनने के बाद आवासीय, व्यावसायिक और औद्योगिक क्षेत्रों के साथ सड़क, यातायात, सार्वजनिक सुविधाओं और हरित क्षेत्रों का स्पष्ट निर्धारण हो सकेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण के कारण बिना मास्टर प्लान वाले शहरों में अव्यवस्थित निर्माण, ट्रैफिक जाम, पर्यावरण प्रदूषण और बुनियादी सुविधाओं की कमी जैसी समस्याएं लगातार बढ़ रही थीं। कई छोटे शहरों में अनियोजित कॉलोनियां बस गई थीं, जिससे भविष्य में बड़े संकट पैदा होने की आशंका थी। मास्टर प्लान इन समस्याओं का स्थायी समाधान साबित होगा। ऐसे में अब इन शहरों के लिए दीर्घकालीन विकास की स्पष्ट रूपरेखा तैयार करनी होगी। दूसरे चरण में 66 शहरों के लिए प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

पहले फेज में इन शहरों का चयन

गोविंदगढ़, सिकरी, जायल, टिब्बी, बहादुरपुर, लक्ष्मणगढ़, बानसूर, उचैन, सुल्तानपुर, बसनी, सिवाना, सपोटरा, मंडावरी, बामनवास, हमीरगढ़, बरोदामेव, खाजूवाला, रामगढ़, सरमथुरा, बसेड़ी, पावटा-प्रागपुरा, भोपालगढ़, अटरू, मनोहरपुरा, नरैना (नारायणा), मंडावर, मारवाड़ जंक्शन, बोनली, बिजोलियां, मसूदा, लाम्बाहरिसिंह, नापासर, जमवारामगढ़, दांता, अजीतगढ़, धरियावद, पीपलू, डिग्गी, मेड़ता रोड, गढ़साना, लूणकरनसर, नारायणपुर, टांटोटी, पहाड़ी, जाखल, गुड़ामालानी, मंधान, सोजत रोड और सिंधरी। इन शहरों के चयन के बाद मास्टर प्लान की कवायद शुरू कर दी गई है। आने वाले वक्त में यह शहर नए रुप में दिखेंगे।

छोटे-मध्यम आकार शहरों में विकास की अपार संभावनाएं

ये अधिकांश शहर छोटे और मध्यम आकार के हैं, जहां विकास की अपार संभावनाएं हैं। मास्टर प्लान बनने के बाद इन शहरों में निवेश आकर्षित करना, रोजगार सृजन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करना आसान हो जाएगा। नगर नियोजन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, दूसरे चरण में शेष 66 शहरों के लिए भी इसी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।

राज्य सरकार का लक्ष्य है कि पूरे राजस्थान में सभी नवगठित निकायों के पास भविष्योन्मुखी मास्टर प्लान हो, ताकि शहरी विकास सुव्यवस्थित, पर्यावरण अनुकूल और जन-सुलभ बने। यह पहल राजस्थान को आधुनिक और स्मार्ट शहरीकरण की राह पर ले जाने में मील का पत्थर साबित होगी।