राजस्थान में ‘घटिया पोषाहार’ पर घिरी भजनलाल सरकार, गहलोत-डोटासरा-जूली ने बोला तीखा हमला, जानें क्या कहा?

Rajasthan Poshahar Scandal: जयपुर। आंगनबाड़ी केंद्रों में घटिया पोषहार के मुद्दे पर राजस्थान में सियायत गरमा गई। बीजेपी विधायक की ओर से अपनी ही सरकार के दावों की पोल खोलने के बाद अब कांग्रेस नेताओं ने भजनलाल सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने निशाना साधते हुए पूछा कि आखिर राजस्थान सरकार गरीब बच्चों की सुध कब लेगी?

बता दें कि उदयपुर में मंगलवार को संभाग स्तरीय बैठक के दौरान भाजपा विधायक प्रताप गमेती ने डिप्टी सीएम दिया कुमारी से कहा था कि आंगनबाड़ी केंद्रों में मिलने वाले पोषाहार को जानवर तक नहीं खाते। हम बच्चों को दे देते हैं और लोग घर ले जाकर फेंक देते हैं। यह खबर पत्रिका में प्रकाशित होने के बाद कांग्रेस ने नेताओं ने भजनलाल सरकार को आड़े हाथ लिया। कांग्रेस नेताओं ने पत्रिका की खबर एक्स पर शेयर करते हुए लिखा कि पोषाहार जानवर भी नहीं खाते, इससे बड़ा शर्मनाक सच और क्या होगा? कब तक राजस्थान के बच्चों के स्वास्थ्य के साथ ये क्रूर मज़ाक चलता रहेगा?

कौन हैं वो लोग जो घटिया पोषाहार की सप्लाई कर रहे हैं?

पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने पत्रिका की खबर शेयर करते हुए लिखा कि राजस्थान में आंगनबाड़ी में बच्चों और गर्भवती महिलाओं को दिया जाने वाला पोषाहार जानवर भी नहीं खाते, इससे बड़ा शर्मनाक सच और क्या होगा? भाजपाई भ्रष्टाचार और मिलावटी चेहरे की ये सच्चाई स्वयं भाजपा के विधायक डिप्टी CM की मौजूदगी में उजागर कर रहे हैं। भाजपा ने महिलाओं और मासूम बच्चों के हक के निवाले में भ्रष्टाचार, घटिया गुणवत्ता और कमीशनखोरी का ज़हर घोल दिया गया है। भाजपा सरकार को बताना चाहिए.. आखिर बच्चों के पोषण बजट पर कौन डाला डाल रहा है? कौन हैं वो लोग जो कमीशनखोरी के लिए घटिया पोषाहार की सप्लाई कर रहे हैं? और कब तक राजस्थान के बच्चों के स्वास्थ्य के साथ ये क्रूर मज़ाक चलता रहेगा? खुद सत्ताधारी दल के विधायक ही आज सरकार के दावों की पोल खोल रहे हैं।

राजस्थान में आंगनबाड़ी में बच्चों और गर्भवती महिलाओं को दिया जाने वाला पोषाहार “जानवर” भी नहीं खाते, इससे बड़ा शर्मनाक सच और क्या होगा?

भाजपाई भ्रष्टाचार और मिलावटी चेहरे की ये सच्चाई स्वयं भाजपा के विधायक डिप्टी CM की मौजूदगी में उजागर कर रहे हैं। भाजपा ने महिलाओं और मासूम… pic.twitter.com/8AbcUGNq8a

— Govind Singh Dotasra (@GovindDotasra) May 6, 2026

सत्ताधारी दल के विधायक ही सरकार के दावों की खोल रहे पोल: गहलोत

पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने एक्स पर लिखा कि राजस्थान की भाजपा सरकार में क्या चल रहा है? खुद सत्ताधारी दल के विधायक ही आज सरकार के दावों की पोल खोल रहे हैं। उदयपुर की समीक्षा बैठक में गोगुंदा से भाजपा विधायक श्री प्रताप गमेती का यह कहना कि “आंगनबाड़ी के पोषाहार को जानवर भी नहीं खाते”, बेहद विचलित करने वाला है। विशेषकर आदिवासी क्षेत्रों में बच्चों और गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य के साथ ऐसा खिलवाड़ कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

राजस्थान की भाजपा सरकार में क्या चल रहा है? खुद सत्ताधारी दल के विधायक ही आज सरकार के दावों की पोल खोल रहे हैं।

उदयपुर की समीक्षा बैठक में गोगुंदा से भाजपा विधायक श्री प्रताप गमेती का यह कहना कि “आंगनबाड़ी के पोषाहार को जानवर भी नहीं खाते”, बेहद विचलित करने वाला है।

विशेषकर… pic.twitter.com/eNom16d27Z

— Ashok Gehlot (@ashokgehlot51) May 6, 2026

उन्होंने आगे लिखा कि एक तरफ योजनाओं के क्रियान्वयन में भारी देरी और दूसरी तरफ मासूमों के निवाले में भ्रष्टाचार? डिप्टी सीएम दिया कुमारी के सामने अपनों ने ही आईना दिखा दिया है। भाजपा सरकार विज्ञापनों और बैठकों से आगे बढ़कर इन गरीब बच्चों की सुध कब लेगी? क्या इस भ्रष्टाचार की कभी जांच होगी या आदिवासियों के हक पर ऐसे ही भ्रष्टाचार चलता रहेगा।

सच अपने आप सामने आ ही जाता है, जबकि झूठ को सोच-समझकर गढ़ना पड़ता है। भाजपा विधायक श्री प्रताप गमेती ने सही कहा कि आंगनबाड़ी का पोषण आहार घर जाकर फेंका जा रहा है और उसे जानवर तक नहीं खाते, क्योंकि इसमें भाजपा राज के भ्रष्टाचार की बू आ रही है।

जब भाजपा के विधायक स्वयं संभाग स्तरीय… pic.twitter.com/otvvW7YWPA

— Tika Ram Jully (@TikaRamJullyINC) May 6, 2026

प्रदेश में सरकार नहीं, बल्कि अव्यवस्था का तमाशा चल रहा: जूली

नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने एक्स पर लिखा कि सच अपने आप सामने आ ही जाता है, जबकि झूठ को सोच-समझकर गढ़ना पड़ता है। भाजपा विधायक श्री प्रताप गमेती ने सही कहा कि आंगनबाड़ी का पोषण आहार घर जाकर फेंका जा रहा है और उसे जानवर तक नहीं खाते, क्योंकि इसमें भाजपा राज के भ्रष्टाचार की बू आ रही है। जब भाजपा के विधायक स्वयं संभाग स्तरीय बैठक में उपमुख्यमंत्री के सामने यह कहने को मजबूर हो जाएं कि आंगनबाड़ी का पोषण आहार फेंका जा रहा है और उसे जानवर भी नहीं खाते, तो यह साफ है कि प्रदेश में सरकार नहीं, बल्कि अव्यवस्था का तमाशा चल रहा है। फेल डबल इंजन सरकार में इससे ज्यादा शर्मनाक और विफलता का उदाहरण क्या हो सकता है? सरकार पोषण और विकास के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि पोषण आहार की गुणवत्ता इतनी बदहाल है कि अब अपने ही जनप्रतिनिधि इसकी पोल खोल रहे हैं।