भिवाड़ी मोड खिजूरीबास सडक़ का टेंडर फाइनल, 18 महीने में तैयार होगी रोड

भिवाड़ी. भिवाड़ी मोड से खिजूरीबास सडक़ चौड़ीकरण एवं सौंदर्यीकरण का टेंडर फाइनल होने के बाद कार्यादेश जारी करने की प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही कार्यादेश जारी हो जाएगा, जिसके बाद 18 महीने में कार्य पूरा होगा। टेंडर प्रक्रिया में चार फर्मों ने भाग लिया, एक के दस्तावेज पूरे नहीं थे, एक ने ऊपर टेंडर दर से 12.99 फीसदी ऊपर रेट डाले, एक फर्म ने टेंडर रेट से 1.11 फीसदी ऊपर रेट डाले। एक एजेंसी ने टेंडर रेट से 9.27 प्रतिशत कम रेट डाले, उसे कार्यादेश दिया जाएगा। उक्त सडक़ निर्माण के लिए दोबारा टेंडर लगाया गया था। सडक़ निर्माण कार्य में दो एजेंसी ने भाग लिया, जिसकी वजह से टेंडर में प्रतिस्पद्र्धात्मक बोली नहीं लगी, जिसकी वजह से टेंडर निरस्त कर दोबारा लगाना पड़ा।

कम रेट मिलने से हुआ फायदा
भिवाड़ी मोड से मंशा चौक होकर खिजूरीबास टोल तक सडक़ की जो डीपीआर तैयार हुई है, उसमें सौंदर्यीकरण में दोनों तरफ फुटपाथ, पार्किंग, रेलिंग, नालियां, नालियों के ऊपर फैरोकवर और हरियाली विकसित होगी। इसके साथ ही बिजली, इंटरनेट सहित अन्य लाइन डालने के लिए भी तकनीकि रूप से डिजायन किया जाएगा। भिवाड़ी मोड से खिजूरीबास टोल तक की सडक़ को भी अलवर बायपास की तरह विकसित किया जाएगा। यहां पर भी सौंदर्यीकरण, डिवाइडर, फुटपाथ, नालियां, पार्किंग, रेलिंग, सजावटी लाइट और पौधारोपण का काम होगा। इसके लिए बीडा ने 12 लाख रुपए से डीपीआर तैयार कराई है। सडक़ों पर वाहन चालकों को अच्छा रास्ता देने के साथ ही पैदल यात्रियों के लिए फुटपाथ देना भी जरूरी है, जिससे आमजन में पैदल चलने की आदत बनाई जा सके। दिल्ली जयपुर की तरफ से भिवाड़ी आने वाला यातायात भिवाड़ी मोड पर उतरता है। इसके बाद भिवाड़ी मोड से मंशा चौक होते हुए अलवर की तरफ जाता है। भिवाड़ी मोड से मंशा चौक और मंशा चौक से खिजूरीबास का तक सडक़ का हिस्सा नगर परिषद में आता है। बाहर से आने वाले वाहन चालकों के लिए यह रास्ता मुख्य मार्ग होता है। मंशा चौक शहर को मुख्य रूप से जोड़ता है। यहां से शहर के हर हिस्से के लिए रास्ता जाता है। औद्योगिक क्षेत्र के तेजी से विस्तार की वजह से शहर की सडक़ों पर यातायात का दबाव लगातार बढ़ रहा है। उक्त सडक़ के विकास से शहर की अच्छी छवि बाहर से आने वाले लोगों के सामने दिखाई देगी।

ऊंचे नीचे चैंबर से मिलेगी निजात
सडक़ सौंदर्यीकरण के साथ मंशा चौक से खिजूरीबास तक सडक़ के बीच में ऊंचे-नीचे चैंबर दुर्घटना का बड़ा कारण बने हुए हैं। स्थानीय वाहन चालकों को सडक़ की तकनीकि खामी की जानकारी है लेकिन बाहर से आने वाले वाहन चालक कई बार इन ऊंचे-नीचे सीवर चैंबर की वजह से दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं। गाड़ी अनियंत्रित होने के साथ ही छतिग्रस्त होने के साथ अन्य कई तरह के नुकसान हो जाते हैं।