Collector Artika Shukla News: राजस्थान के अलवर जिले की कलक्टर अर्तिका शुक्ला कोर्ट के आदेश नहीं मानने के मामले में फंस गई हैं। कोर्ट ने उनकी सरकारी गाड़ी, ऑफिस का फर्नीचर, सरकारी भवन समेत अन्य सामान कुर्क करने के आदेश दिए हैं। इस मामले में जब सोमवार को कुर्की वाली टीम पहुंची तो अर्तिका शुक्ला कार्यालय में नहीं मिलीं। उनकी गाड़ी भी वहां नहीं थी। टीम को काफी देर तक ऑफिस के बाहर ही रोकने की भी जानकारी मिल रही है। मामला किसी भर्ती से जुड़ा बताया जा रहा है।
कार्यालय परिसर से हटा दी गई गाड़ी, नंबर प्लेट भी ढकने की सूचना
दरअसल पूरा मामला बसंत कुमार नाम के एक अभ्यर्थी को आयुर्वेद विवाद में नौकरी देने से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। नियमानुसार योग्य होने के बाद भी उन्हें जॉब नहीं मिली तो उन्होंने अपने वकील के जरिए कोर्ट में मामला दाखिल किया। कोर्ट के आदेशों के बाद भी जब विभाग ने इसे गंभीरता से नहीं लिया तो मामला कलक्टर तक पहुंचा। लेकिन वहां से भी कोई उचित कार्रवाई नहीं हो सकी तो कोर्ट ने कलक्टर के सरकारी सामान की कुर्की का आदेश निकाल दिया।
सोमवार को पहुंची टीम, लेकिन बाहर ही रोक दी गई
इस पूरे मामले में नियमानुसार पहुंचने वाली नजारत टीम जब कुर्की के लिए पहुंची तो उन्हें एक एसडीएम और एक अन्य आईएएस अधिकारी ने कलक्टर कार्यालय के बाहर रोक लिया। उसके बाद उन्हें एक टेबिल और कुछ कुर्सियां बाहर ही लाकर दे दी गई। जिन्हें नजारात टीम ने कुर्की संबंधी आदेशों के चलते जब्त कर लिया। उन्हें मिनी सचिवालय के खाली पड़े एक कमरे में सील कर दिया गया।
सरकारी गाड़ी को नहीं ले जा सकी नजारत टीम
इस पूरे मामले में उस समय ड्रामा हुआ जब अचानक कलक्टर की सरकारी गाड़ी कलक्टर परिसर से गायब हो गई। पता चला कि उसकी नेम और नंबर प्लेट ढक दी गई और उसे दूसरी जगह पर खड़ा कर दिया गया। इस पूरे मामले में कलक्टर का बयान सामने नहीं आ सका है। फिलहाल इस पूरे मामले और घटनाक्रम की जानकारी कोर्ट को दे दी गई है। परिवादी को इस पूरे मामले में अब कोर्ट के अगल कदम का इंतजार है। उधर कलक्टर सोमवार को फील्ड में थीं। उन्होंने लक्ष्मणगढ़ क्षेत्र के जावली गांव में निर्माणाधीन जीएसएस का निरीक्षण किया और अधिकारियों को इसे जल्द पूरे करने के निर्देश दिए।