जयपुर: भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतिन नवीन की टोंक में जनसभा से लेकर जयपुर तक पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट सोमवार को भाजपा कांग्रेस नेताओं की चर्चा में रहे। हालांकि, पायलट ने इस मामले में कुछ नहीं बोला है।
टोंक में भाजपा के प्रदेश प्रभारी राधा मोहनदास अग्रवाल ने पायलट पर तंज कसते हुए कहा था कि टोंक के स्थानीय विधायक बहुरूपिया हैं, उनकी एक टांग कांग्रेस में रहती है, एक जाने कहां रहती है।
वहीं, इसके जवाब में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि उनकी दोनों टांगे कांग्रेस में हैं और कांग्रेस में रहेंगी। अब उनको भटके आएंगे जो पहले हमारे लोगों को गुमराह करके मानेसर ले गए थे। सचिन पायलट को अनुभव हो गया है, इस प्रकार की गलती करने के क्या अंजाम होते हैं। इसलिए अब वो समझ गए हैं और संभल गए हैं।
गहलोत ने कहा, मैं उम्मीद करता हूं, अब वो हमें छोड़कर कभी नहीं जाएंगे और हमारी पूरी पार्टी उनके साथ एकजुट है। दरअसल, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार राजस्थान दौरे पर आए नीतिन नवीन की टोंक में जनसभा थी।
वहीं, राधामोहन दास अग्रवाल ने यह बात कही थी। इधर, पश्चिमी बंगाल दौरे से लौटने पर एयरपोर्ट पर मीडिया के सवाल पर गहलोत ने पायलट के पिछली कांग्रेस सरकार के मानेसर जाने के समय का जिक्र कर भाजपा पर पलटवार किया।
मानेसर प्रकरण के जिक्र से बढ़ी सियासी हलचल
मीडिया में पिछले 14 दिनों से सचिन पायलट गुट के मानेसर जाने का मामला फिर सुर्खियों में है। इसकी वजह यह है कि पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने हाल के दिनों में 2020 के राजनीतिक संकट का तीन बार जिक्र किया है, जिससे प्रदेश कांग्रेस की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
14 अप्रैल: भाजपा की साजिश से पैदा हुआ था संकट
डीडवाना-कुचामन जिले के दौरे के दौरान कहा था कि कांग्रेस के विधायकों को उनकी सरकार को गिराने के लिए मानेसर ले जाया गया। यह संकट भाजपा की शीर्ष लीडरशिप की देन था, जिसका खामियाजा सरकार को 34 दिनों तक होटलों में रहकर भुगतना पड़ा।
24 अप्रैल: हॉर्स ट्रेडिंग के लिए भाजपा जिम्मेदार
जयपुर में मीडिया से बातचीत में गहलोत ने कहा था कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और मदन राठौड़ हमारे लिए बार-बार बोलते हैं। वे चाहते हैं कि सचिन पायलट का नाम लूं कि लोग मानेसर गए थे। वो चाहते हैं कि नाम लें तो इनकी लड़ाई शुरू हो जाए।