Jaipur Black Spots Safty News: जयपुर से दिल्ली, आगरा, अजमेर या सीकर रोड पर सफर करने वालों के लिए अब एक बड़ी राहत और चेतावनी दोनों साथ आई है। सफर शुरू करने से पहले बस एक QR कोड स्कैन करना होगा—और आपके सामने खुल जाएगी उन खतरनाक जगहों की पूरी लिस्ट, जहां हादसों का खतरा सबसे ज्यादा है।
जयपुर रेंज पुलिस ने ‘Mission Safer Road’ के तहत यह नई डिजिटल पहल शुरू की है, जो सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव मानी जा रही है। इस QR कोड को स्कैन करते ही नेशनल हाईवे पर मौजूद सभी ब्लैक स्पॉट आपकी मोबाइल स्क्रीन पर दिख जाएंगे, जिससे आप पहले से अलर्ट होकर यात्रा कर सकेंगे।
तीन कैटेगरी में बांटे गए खतरे के पॉइंट
पुलिस ने इन ब्लैक स्पॉट्स को तीन श्रेणियों में वर्गीकृत किया है—
Yellow Zone (Low Risk): पिछले 3 साल में 10 तक एक्सीडेंट
Orange Zone (Medium Risk): 10 से 20 एक्सीडेंट
Red Zone (High Risk): 20 से ज्यादा एक्सीडेंट
इस वर्गीकरण से यात्रियों को तुरंत अंदाजा लग जाएगा कि कौन सा रास्ता कितना जोखिम भरा है।
Google Map भी देगा अलर्ट
पुलिस ने इन ब्लैक स्पॉट्स को सीधे मैप पर दिखाने के लिए को प्रस्ताव भेजा था, जिसे मंजूरी मिल चुकी है। जल्द ही ये सभी लोकेशन Google Map में शामिल हो जाएंगी। यानी अगर आप मैप ऑन करके सफर करेंगे तो रास्ते में आने वाले खतरनाक पॉइंट्स पर आपको ऑटोमैटिक अलर्ट मिलेगा।
3 साल में 1108 मौतें, 121 ब्लैक स्पॉट चिन्हित
हालिया सर्वे में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। जयपुर रेंज में 121 ऐसे ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए गए हैं, जहां पिछले तीन साल में 1108 लोगों की जान जा चुकी है।
Red Zone: 6 स्पॉट – 162 मौतें
Orange Zone: 37 स्पॉट – 475 मौतें
Yellow Zone: 78 स्पॉट – 471 मौतें
इन आंकड़ों के आधार पर संबंधित विभागों के साथ मिलकर सुधार कार्य भी शुरू किया जा रहा है।
क्या बोले अधिकारी
Jaipur रेंज आईजी राहुल प्रकाश के अनुसार, सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए यह अभियान शुरू किया गया है। थाना स्तर पर सर्वे कर ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए गए हैं और आमजन की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तकनीक का सहारा लिया गया है। अब हाईवे पर खतरा अचानक नहीं आएगा—आप पहले से जान पाएंगे कि आगे क्या इंतजार कर रहा है। सवाल बस इतना है—क्या आप सफर शुरू करने से पहले एक बार QR कोड स्कैन करेंगे?