दौसा। ब्यावर से भरतपुर तक प्रस्तावित 324 किमी लंबे ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे के निर्माण के लिए भूमि अवाप्ति से पूर्व की तैयारियां अब शुरू होने जा रही है। यह एक्सप्रेस-वे दौसा जिले में लालसोट उपखण्ड के 28 गांवों की 260 हेक्टेयर भूमि से गुजरना प्रस्तावित है। उपखण्ड में एक्सप्रेस-वे परियोजना के तहत जमीन अधिग्रहण से पहले आमजन की राय ली जाएगी।
भूमि अधिग्रहण से पूर्व उक्त परियोजना के तहत लालसोट उपखण्ड के प्रभावित क्षेत्रों में भूमि अधिग्रहण से पूर्व 25 अप्रैल से जनसुनवाई आयोजित की जा रही है। यह जन सुनवाई उपखंड की तहसील लालसोट व निर्झरना में पैकेज 4 एक्सप्रेस-वे निर्माण के लिए आवश्यक भूमि अवाप्ति के लिए प्रभावित गांवों में भूमि अर्जन, पुनर्वासन एवं पुर्न व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर एवं पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 तथा राजस्थान नियम 2016 के प्रावधानों के तहत होगी।
यह रहेगा कार्यक्रम
भूमि अवाप्ति अधिकारी ने बताया कि 25 मई को बिनोरी अटल सेवा केन्द्र पर डिवाचली कलां, डिवाचली खुर्द, हमीरपुरा, थानपुरा, महाराजपुरा, छावा, बिनोरी, 28 को टोड़ा टेकला अटल सेवा केन्द्र पर सूरतपुरा, खेमावास, टोडा ठेकला, किशनपुरा, शाहपुरा, बिलौणा खुर्द, रामपुरा खुर्द एवं भामूवास, 29 को श्रीमा अटल सेवा केन्द्र पर खटवा प्रहलादपुरा, खेडली, श्रीमा, देवली, मोहब्बतपुरा एवं 30 मई को करणपुरा चक नंबर 1, 2. 3, 4, गूदडिया, लोरवाड़ा एवं विजयपुरा गांवों की जनसुनवाई होगी।
छह माह से लगी पाबंदी
ब्यावर एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अवाप्ति की प्रक्रिया से प्रभावित गांवों में बीते करीब छह माह से भूमि भूमि रूपान्तरण, बिक्री, खरीद या विकास गतिविधियों पर पाबंदी लगी है। अक्टूबर माह में एडीएम ने एसडीओ के साथ लालसोट और निर्झरना तहसीलदार को पत्र भेजकर बताया था कि प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे (ब्यावर-भरतपुर) परियोजना के निर्माण के अन्तर्गत आने वाले गांवों में भूमि उपयोग परिवर्तन (भूमि रूपान्तरण), बिक्री, खरीद या विकास गतिविधियों को अनुमत नहीं किया जाए।
342 किलोमीटर लंबा होगा
भरतपुर-ब्यावर एक्सप्रेस-वे अजमेर, जयपुर, टोंक, दौसा, सवाईमाधोपुर जिले से होते हुए निकलेगा। यह एक्सप्रेसवे ब्यावर के नेशनल हाईवे 58 से शुरू होकर, मसूदा, बांदनवाड़ा, भिनाय, नागोला, केकड़ी, फागी, माधौराजपुरा, टोडारायसिंह, निवाई, लालसोट, निर्झरना, गंगापुर सिटी होते हुए भरतपुर में नेशनल हाईवे 21 पर जाकर मिलेगा। 342 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे 14 हजार करोड़ रुपए की लागत से तैयार होगा। नए एक्सप्रेसवे के लिए 3175 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण होगा।