सीकर। कलक्टर अंकल पिछले 15 दिनों से पारा कैसे छलांग लगा रहा है। स्कूल से घर पहुंचते पहुंचते कई बार 3 बज जाते हैं। कुछ इसी अंदाज में विद्यार्थियों ने पत्रिका टीम को अपना दर्द बताया। विद्यार्थियों ने बताया कि इन दिनों स्कूल जाना पढ़ाई से ज्यादा गर्मी से लड़ाई बन गया है। व्यवस्था में बदलाव नहीं होने की वजह से आंगनबाड़ी केंद्रों पर जाने वाले नौनिहाल भी काफी परेशान है। छात्र-छात्राओं ने बताया कि सुबह स्कूल जाते हैं तो मौसम ठीक रहता है लेकिन 12 बजे के बाद सब कुछ बदल जाता है।
कलक्टर अंकल पिछले 15 दिनों से पारा कैसे छलांग लगा रहा है। स्कूल से घर पहुंचते पहुंचते कई बार 3 बज जाते हैं
विद्यार्थियों ने बताया कि इन दिनों स्कूल जाना पढ़ाई से ज्यादा गर्मी से लड़ाई बन गया है।
व्यवस्था में बदलाव नहीं होने की वजह से आंगनबाड़ी केंद्रों पर जाने वाले नौनिहाल भी काफी परेशान है।
छात्र-छात्राओं ने बताया कि सुबह स्कूल जाते हैं तो मौसम ठीक रहता है लेकिन 12 बजे के बाद सब कुछ बदल जाता है।
कलक्टर अंकल, हमारा भी दर्द समझो, 40 डिग्री के टॉर्चर में कैसे पढ़े हम।