Rajasthan Schools : केन्द्र के गृह मंत्रालय के निर्देशों के बाद माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट ने प्रदेशभर के स्कूलों के लिए राष्ट्रगीत को लेकर गाइडलाइन जारी कर दी है। सभी संभागीय संयुक्त निदेशकों को भेजे गए इन आदेशों में स्पष्ट किया है कि राष्ट्र गीत के गायन, वादन और उससे जुड़े शिष्टाचार का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।
निर्देशों के अनुसार राष्ट्रगीत का आधिकारिक समय लगभग 3 मिनट 10 सेकेंड निर्धारित है और इसे तय अवसरों पर ही गाया या बजाया जाएगा। सिविल सम्मान समारोह, औपचारिक राजकीय कार्यक्रमों में राष्ट्रपति व राज्यपाल के आगमन प्रस्थान, राष्ट्रीय ध्वज की परेड तथा आकाशवाणी और दूरदर्शन पर राष्ट्रपति के संदेश से पहले और बाद में राष्ट्र गीत का वादन किया जाएगा।
स्कूलों के लिए खासतौर पर निर्देश दिए है कि प्रत्येक विद्यालय में दिन की शुरुआत राष्ट्र गीत के सामूहिक सहगान से हो। छात्रों में राष्ट्र गीत और राष्ट्रगान के प्रति सम्मान विकसित करने के लिए नियमित अभ्यास, उचित व्यवस्था और अनुशासन पर जोर दिया गया है, जहां भी राष्ट्र गीत गाया या बजाया जाए, वहां सभी को सावधान मुद्रा में खड़े रहना अनिवार्य होगा।
सांस्कृतिक और सार्वजनिक कार्यक्रमों में भी राष्ट्र गीत सामूहिक रूप से गाया जा सकेगा, बशर्ते गरिमा और शिष्टाचार का पालन किया जाए। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी कार्यक्रम में राष्ट्र गीत और राष्ट्रगान दोनों प्रस्तुत किए जाते हैं तो पहले राष्ट्र गीत और उसके बाद राष्ट्रगान होगा।
खड़े होने को लेकर भी गाइडलाइन
राष्ट्र गीत के गायन या वादन के दौरान सभी श्रोताओं को सावधान मुद्रा में खड़े रहना अनिवार्य है। स्कूलों में प्रार्थना सभा या किसी भी औपचारिक कार्यक्रम में राष्ट्र गीत होने पर सभी विद्यार्थी और शिक्षक खड़े रहेंगे।
सार्वजनिक व सांस्कृतिक आयोजनों में भी राष्ट्र गीत के समय खड़े होकर सम्मान देना जरूरी होगा, लेकिन यदि राष्ट्र गीत किसी फिल्म, समाचार दर्शन या वृत्तचित्र के हिस्से के रूप में बजाया जा रहा हो तो दर्शकों से खड़े होने की अपेक्षा नहीं की जाएगी।
गाइडलाइन जारी की गई
स्कूलों में राष्ट्र गीत के गायन और उससे जुड़े शिष्टाचार को लेकर गाइडलाइन जारी की गई है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में राष्ट्र के प्रति सम्मान, अनुशासन और संवैधानिक मूल्यों की भावना को और मजबूत करना है। इसको लेकर विद्यालयों को निर्देशित किया गया है।
अतुल चतुर्वेदी, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी, भरतपुर